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RRB NTPC और ALP अभ्यर्थियों को राहत: दिव्यांगों को मिलता रहेगा परीक्षा में एक्स्ट्रा समय और पुराना सहायक नियम

May 02, 2026 5:21 PM

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे में करियर बनाने का सपना देख रहे दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर है। रेल मंत्रालय ने भर्ती परीक्षाओं में दिव्यांगों के लिए प्रस्तावित नए और कड़े नियमों को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया है। रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने स्पष्ट किया है कि आगामी परीक्षाओं में दिव्यांग उम्मीदवारों को मिलने वाली विशेष सुविधाएं 30 जून 2026 तक पहले की तरह ही जारी रहेंगी।

इस फैसले का सीधा फायदा उन लाखों अभ्यर्थियों को मिलेगा जो आरआरबी एनटीपीसी (RRB NTPC), असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) और जूनियर इंजीनियर (JE) जैसे पदों के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।

क्या था नया नियम और क्यों टला फैसला?

दरअसल, रेलवे भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने और 'धोखाधड़ी' की गुंजाइश खत्म करने के लिए मंत्रालय ने एक नई व्यवस्था बनाने की योजना तैयार की थी। नए नियमों के मुताबिक, दिव्यांग अभ्यर्थियों को अपना सहायक (Scribe) खुद लाने की अनुमति नहीं दी जानी थी। इसके बजाय, परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी को एक 'स्क्राइब पूल' (सहायकों का पैनल) तैयार करना था, जिसमें से रैंडम आधार पर अभ्यर्थी को सहायक उपलब्ध कराया जाता।

हालांकि, इस डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और स्क्राइब पैनल को देशव्यापी स्तर पर तैयार करने में तकनीकी चुनौतियां सामने आ रही हैं। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "एजेंसी द्वारा सहायक उपलब्ध कराने की तैयारी अभी पूरी नहीं हुई है। इसके लिए विशेष सॉफ्टवेयर और पुख्ता व्यवस्था की जरूरत है, जिसमें समय लगेगा। यही वजह है कि अभ्यर्थियों की सहूलियत को देखते हुए इसे 30 जून तक टालने का निर्णय लिया गया है।"

अपना 'स्क्राइब' साथ ला सकेंगे अभ्यर्थी

रेलवे के इस स्थगन आदेश के बाद अब अभ्यर्थी आगामी NTPC UG (CBT-1) और अन्य परीक्षाओं में अपने भरोसेमंद सहायक के साथ परीक्षा केंद्र पहुंच सकेंगे। इसके अलावा, दिव्यांगों को मिलने वाला सबसे बड़ा लाभ— यानी हर एक घंटे पर मिलने वाला 20 मिनट का अतिरिक्त समय— भी बिना किसी बदलाव के जारी रहेगा।

भविष्य में पारदर्शी होगी व्यवस्था

रेलवे का मानना है कि भविष्य में 'स्क्राइब पूल' व्यवस्था लागू होने से भर्ती प्रक्रिया और अधिक आधुनिक और निष्पक्ष हो जाएगी। इसमें अभ्यर्थी और सहायक के बीच पहले से मिलीभगत की संभावना खत्म हो जाएगी। लेकिन जब तक यह सिस्टम पूरी तरह 'फूलप्रूफ' नहीं हो जाता, तब तक पुरानी व्यवस्था ही ढाल बनेगी।

बोर्ड ने सभी परीक्षा केंद्रों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि दिव्यांग अभ्यर्थियों को मिलने वाली रैंप, व्हीलचेयर और अन्य डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाएं।

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