Mhari Sadak App: हरियाणा में गड्ढा मुक्त सड़कों पर सीएम सैनी का बड़ा एक्शन, 12 अफसरों पर गिरी गाज
May 20, 2026 11:42 AM
हरियाणा। हरियाणा की सड़कों की सूरत बदलने और उन्हें पूरी तरह गड्ढा मुक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इस समय फुल एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'म्हारी सड़क' ऐप की मासिक प्रोग्रेस रिपोर्ट देखते ही मुख्यमंत्री का पारा चढ़ गया। समीक्षा बैठक में सामने आया कि कई जिलों में अधिकारी गड्ढे भरने के बजाय केवल कागजी खानापूर्ति कर रहे हैं। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए सीएम ने भिवानी, हिसार, रोहतक और गुरुग्राम सहित 7 जिलों के 12 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए हैं।
क्षेत्राधिकार के बहानेबाजी पर रोक, टेंडर प्रक्रिया की सुस्ती होगी खत्म
सचिवालय में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने उन मामलों को गंभीरता से लिया जहां लोक निर्माण विभाग (PWD), मार्केट कमेटी या स्थानीय निकायों के अधिकारियों ने जनता की शिकायतों को अपनी सीमा से बाहर बताकर बार-बार दूसरे विभागों को ट्रांसफर कर दिया। मुख्यमंत्री ने सख्त हिदायत दी कि अफसर अपनी जिम्मेदारी से भागना बंद करें। इसके साथ ही, सड़कों के निर्माण और पैचवर्क के टेंडरों में होने वाली देरी को खत्म करने के लिए बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। अब बिड सबमिशन (निविदा जमा करने) की पूरी प्रक्रिया महज 10 दिनों के भीतर निपटाने के निर्देश दिए गए हैं।
लापरवाह ठेकेदारों की जब्त होगी बैंक गारंटी, सीमाओं पर रहेगा विशेष फोकस
सड़क निर्माण के बाद रखरखाव की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने वाले ठेकेदारों के खिलाफ भी सरकार ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। मुख्यमंत्री सैनी ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि यदि डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड (डीएलपी यानी गारंटी की अवधि) के दौरान कोई भी ठेकेदार या निर्माण एजेंसी सड़क की टूट-फूट ठीक नहीं करती है, तो संबंधित विभाग बिना किसी देरी के उनकी बैंक गारंटी जब्त करे। इसके अलावा, हरियाणा की सीमा से सटे अंतरराज्यीय बॉर्डर क्षेत्रों की सड़कों के लिए विशेष बजट और री-कंस्ट्रक्शन प्लान तैयार करने को कहा गया है ताकि पड़ोसी राज्यों से आने वाले मुसाफिरों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके।
सड़कों की मैपिंग का आंकड़ा एक लाख पार, टैक्सी ड्राइवर देंगे गड्ढों की लाइव रिपोर्ट
बैठक में 'म्हारी सड़क' ऐप की अब तक की प्रोग्रेस भी साझा की गई। इसके तहत प्रदेशभर में 63,389 किलोमीटर लंबी कुल 1,43,065 सड़कों की डिजिटल मैपिंग पूरी की जा चुकी है, जबकि आम जनता द्वारा भेजी गई 31,939 शिकायतों का ऑन-द-स्पॉट निवारण किया गया है।
सीएम का नया फॉर्मूला: ऐप को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ओला-उबर जैसी एग्रीगेटर कंपनियों के कैब चालकों और आरटीओ ऑफिस में पासिंग के लिए आने वाले तमाम टैक्सी ड्राइवरों के फोन में अनिवार्य रूप से यह ऐप इंस्टॉल कराया जाए। चूंकि ये ड्राइवर दिन-रात सड़कों पर रहते हैं, इसलिए इनके जरिए सरकार तक ग्राउंड जीरो की वास्तविक स्थिति और नए गड्ढों की रिपोर्ट तुरंत पहुंच सकेगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, पीडब्ल्यूडी के अतिरिक्त मुख्य सचिव ए.के. सिंह और विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजेंद्र कुमार सहित कई आला अधिकारी मौजूद रहे।