हरियाणा सरकार का बड़ा तोहफा: अब मुफ्त में करें हजूर साहिब नांदेड़ की यात्रा, 15 अप्रैल तक करें अप्लाई
Apr 07, 2026 1:59 PM
हरियाणा। बुढ़ापे की दहलीज पर खड़े उन बुजुर्गों के लिए हरियाणा सरकार ने उम्मीदों की नई खिड़की खोली है, जो आर्थिक तंगी के कारण तीर्थ दर्शन की अपनी हसरत मन में दबाए बैठे थे। 'मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना' के जरिए सरकार अब बुजुर्गों को महाराष्ट्र स्थित सिखों के पवित्र तीर्थ स्थल हजूर साहिब नांदेड़ की नि:शुल्क यात्रा कराने जा रही है। 5 मई को कुरुक्षेत्र से रवाना होने वाली इस विशेष ट्रेन को मुख्यमंत्री नायब सैनी स्वयं हरी झंडी दिखाएंगे। इस योजना का मकसद वरिष्ठ नागरिकों को समाज में सम्मानजनक स्थान और आध्यात्मिक शांति प्रदान करना है।
सरल पोर्टल पर 15 अप्रैल तक पंजीकरण अनिवार्य
अगर आप या आपके परिवार का कोई बुजुर्ग इस यात्रा का लाभ उठाना चाहता है, तो समय बहुत कम है। सरकार ने पंजीकरण के लिए 15 अप्रैल की अंतिम तिथि निर्धारित की है। आवेदन की प्रक्रिया को बेहद आसान रखा गया है। इच्छुक श्रद्धालु नजदीकी सीएससी (CSC) सेंटर पर जाकर या स्वयं अपने स्मार्टफोन से 'सरल हरियाणा' पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। पंजीकरण के बाद इसकी सूचना जिला सूचना अधिकारी कार्यालय में देनी होगी, ताकि चयन की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जा सके।
कौन होगा पात्र? सरकार उठाएगी वीआईपी व्यवस्था का जिम्मा
इस योजना का लाभ उन परिवारों को मिलेगा जिनकी वार्षिक आय (फैमिली आईडी के अनुसार) 1.80 लाख रुपये से कम है। यात्रा के दौरान बुजुर्गों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सरकार ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। ट्रेन में सवार होने से लेकर नांदेड़ में ठहरने, भोजन और वहां के स्थानीय भ्रमण की जिम्मेदारी जिला प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी। खास बात यह है कि यदि कोई वरिष्ठ नागरिक अकेला नहीं जा सकता, तो वह पूर्ण भुगतान पर अपने साथ एक सहायक को भी ले जा सकता है।
पानीपत और दिल्ली होते हुए गुजरेगी आस्था की रेल
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, यह स्पेशल ट्रेन कुरुक्षेत्र से चलकर पानीपत, सोनीपत और नई दिल्ली जैसे प्रमुख स्टेशनों से गुजरेगी। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से चयनित बुजुर्गों को उनके नजदीकी तय स्टेशनों से ट्रेन में सवार होने की सुविधा दी जाएगी। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत इससे पहले भी अयोध्या और अन्य धामों के लिए जत्थे रवाना किए जा चुके हैं, और अब हजूर साहिब की यह यात्रा प्रदेश की संगत के लिए श्रद्धा का एक बड़ा समागम साबित होने वाली है।