हरियाणा में राशन डिपो आवंटन के बदले नियम, अब 12वीं पास युवाओं को मिलेगा मौका
Apr 29, 2026 10:11 AM
हरियाणा। हरियाणा में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए नायब सैनी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने उचित मूल्य की दुकानों यानी राशन डिपो के संचालन और उनके आवंटन की पुरानी व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है। नए नियमों के तहत अब डिपो आवंटन में केवल पहुँच नहीं, बल्कि योग्यता और मेरिट को आधार बनाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि डिपो धारक न केवल राशन बाँटें, बल्कि डिजिटल होते सिस्टम को कंप्यूटर के जरिए बेहतर ढंग से संभाल सकें।
500 कार्डों पर एक डिपो और 500 अंकों का मूल्यांकन
अब तक राज्य में 300 राशन कार्डों पर डिपो अलॉट करने का प्रावधान था, जिसे बढ़ाकर अब 500 कर दिया गया है। यानी अब राशन डिपो का आवंटन 500 अंकों के एक जटिल मूल्यांकन सिस्टम (Evaluation System) पर आधारित होगा। सरकार ने उम्र सीमा को लेकर भी कड़े निर्देश जारी किए हैं। सामान्य तौर पर 60 साल की आयु पूरी होते ही लाइसेंस रद्द माना जाएगा और उसका नवीनीकरण नहीं होगा। हालांकि, अगर कोई संचालक बहुत बेहतर काम कर रहा है, तो विशेष परिस्थितियों में उसे 65 साल तक का विस्तार मिल सकता है।
पार्षद और सरपंचों के रिश्तेदारों पर 'नो एंट्री'
चयन प्रक्रिया में भाई-भतीजावाद को खत्म करने के लिए सरकार ने सख्त फिल्टर लगाए हैं। नए नियमों के मुताबिक, ग्राम पंचायत, नगर पालिका या नगर निगम के मौजूदा सदस्य अब डिपो के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे। यही नहीं, उनके नजदीकी रिश्तेदारों के लिए भी रास्ते बंद कर दिए गए हैं। सरकारी या संविदा कर्मचारी भी इस रेस से बाहर रहेंगे। इसका सीधा उद्देश्य स्थानीय राजनीति के प्रभाव से वितरण प्रणाली को मुक्त रखना है।
महिलाओं के लिए सुरक्षित हुई 33% सीटें
इस नीति का सबसे क्रांतिकारी हिस्सा महिलाओं की भागीदारी है। कुल डिपो में से 33 फीसदी महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगे। इसमें भी उन महिलाओं को वरीयता दी जाएगी जो तेजाब हमले की शिकार रही हैं, विधवा हैं, तलाकशुदा हैं या अकेले घर चला रही हैं। इसके अलावा, गांवों में सक्रिय स्वयं सहायता समूह (Self Help Groups) की महिलाओं को भी प्राथमिकता मिलेगी। यदि किसी आरक्षित श्रेणी में योग्य महिला आवेदक नहीं मिलती, तभी वह सीट सामान्य वर्ग को ट्रांसफर की जाएगी।
योग्यता: 12वीं पास और कंप्यूटर का ज्ञान जरूरी
बदलते दौर में अब राशन डिपो संभालना केवल रजिस्टर भरने का काम नहीं रह गया है। सरकार ने अनिवार्य कर दिया है कि आवेदक कम से कम 12वीं कक्षा पास हो और उसे कंप्यूटर चलाने की बेसिक जानकारी हो। आवेदन के लिए उम्र 21 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए और आवेदक का उसी क्षेत्र का निवासी होना अनिवार्य है। चयन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, जिसमें कम आय वाले आवेदकों को मेरिट में ऊपर रखा जाएगा ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को रोजगार मिल सके।