हरियाणा में अवैध निर्माण पर कार्रवाई के खिलाफ अब ऑनलाइन दर्ज होगी अपील, घर बैठे मिलेगा न्याय
Apr 23, 2026 4:00 PM
हरियाणा। हरियाणा के शहरी इलाकों में रहने वाले उन लोगों के लिए यह खबर सुकून देने वाली है, जो जिला नगर योजनाकार (DTP) द्वारा की गई तोड़फोड़ या नोटिस की कार्रवाई से असहमत हैं। प्रदेश सरकार ने 'ई-गवर्नेंस' की दिशा में एक और लंबी छलांग लगाते हुए नगर एवं ग्राम नियोजन ट्रिब्यूनल में अपील दायर करने की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। रिटायर न्यायाधीश रजन गुप्ता ने इस नए डिजिटल सिस्टम को लॉन्च करते हुए साफ किया कि अब पीड़ित पक्ष को अपनी बात रखने के लिए चंडीगढ़ या स्थानीय ट्रिब्यूनल दफ्तर में धक्के खाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
जटिल कानूनी प्रक्रिया अब होगी 'स्मार्ट'
अक्सर देखा जाता है कि 'हरियाणा अनुसूचित सड़कें और नियंत्रित क्षेत्र अनियमित विकास प्रतिबंध अधिनियम-1963' के तहत जब डीटीपी विभाग अवैध निर्माणों पर पीला पंजा चलाता है, तो कई बार लोग इसे कानूनी रूप से गलत मानते हैं। ऐसे मामलों में ट्रिब्यूनल के पास अपील करने का वैधानिक अधिकार तो था, लेकिन अभी तक यह प्रक्रिया बहुत थकाऊ थी। अपीलकर्ताओं को या तो खुद आना पड़ता था या फिर वकीलों के जरिए भौतिक रूप से फाइलें जमा करानी पड़ती थीं। अब निर्धारित पोर्टल के माध्यम से दस्तावेज अपलोड करते ही अपील दर्ज हो जाएगी, जिससे केस की ट्रैकिंग भी आसान होगी।
"न्याय तक पहुंच होगी और भी सुगम": जस्टिस रजन गुप्ता
इस पोर्टल की शुरुआत करते हुए जस्टिस रजन गुप्ता ने कहा कि सिस्टम में बदलाव का मुख्य उद्देश्य आमजन की परेशानियों को कम करना है। उन्होंने बताया कि इस पहल से न केवल फाइलों का बोझ कम होगा, बल्कि सेवा वितरण की कुशलता में भी इजाफा होगा। यह सिस्टम उन लोगों के लिए वरदान साबित होगा जो दूरदराज के जिलों में रहते हैं और अदालती कार्यवाही के लिए बार-बार राजधानी आने का खर्च वहन नहीं कर पाते।
जवाबदेही और पारदर्शिता पर जोर
नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के जानकारों का मानना है कि ऑनलाइन सिस्टम आने से विभाग की जवाबदेही भी तय होगी। जैसे ही कोई व्यक्ति अपील दाखिल करेगा, उसकी डिजिटल रिसीविंग मिल जाएगी, जिससे फाइलों के गुम होने या देरी होने की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। प्रशासन को उम्मीद है कि इस कदम से न केवल न्याय तक पहुंच में सुधार होगा, बल्कि अदालती बोझ को कम करने में भी मदद मिलेगी।