नक्शा पास कराने का नया नियम: 1000 वर्ग मीटर तक के प्लॉटों के लिए आर्किटेक्ट ही देंगे मंजूरी
May 05, 2026 11:41 AM
हरियाणा। हरियाणा में अब नया मकान बनाना न केवल आसान होगा, बल्कि सरकारी फाइलों के मकड़जाल से भी मुक्ति मिलेगी। राज्य सरकार ने भवन निर्माण से जुड़ी तमाम प्रक्रियाओं को हाईटेक करते हुए इसे पूरी तरह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट कर दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आदेशों के बाद शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने बिल्डिंग प्लान (नक्शा) पास कराने की प्रक्रिया को पारदर्शी बना दिया है। इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा प्रहार भ्रष्टाचार और उन दलालों पर होगा, जो नक्शा पास कराने के नाम पर मासूम लोगों की जेब ढीली करते थे। अब कोई भी व्यक्ति घर बैठे अपने भवन का नक्शा पोर्टल पर अपलोड कर उसकी मंजूरी ले सकेगा।
छोटे प्लॉटों के लिए 'स्व-प्रमाणीकरण' की सुविधा, आर्किटेक्ट को मिली ताकत
सरकार ने मध्यम और छोटे रिहायशी प्लॉट मालिकों को बड़ी राहत देते हुए 'स्व-प्रमाणीकरण' (Self-Certification) का विकल्प दिया है। नियम के मुताबिक, यदि आपका प्लॉट 1000 वर्ग मीटर तक का है और भवन की ऊंचाई 15 मीटर से कम है, तो आपको सरकारी दफ्तर से मंजूरी का इंतजार नहीं करना होगा। अधिकृत आर्किटेक्ट द्वारा तैयार किया गया नक्शा जैसे ही पोर्टल पर अपलोड होगा, आप निर्माण कार्य शुरू कर सकेंगे। हरियाणा शहर विकास प्राधिकरण (HSVP) का नया 'ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम' (OBPAS) पोर्टल 'हरियाणा बिल्डिंग कोड' के मानकों के आधार पर स्वचालित रूप से दस्तावेजों की जांच कर लेगा।
ब्याज दर में कटौती और ई-नीलामी: HSVP ने बिचौलियों का रास्ता किया बंद
हुडा (HSVP) ने केवल नक्शा ही नहीं, बल्कि प्लॉटों की नीलामी प्रक्रिया में भी बड़े बदलाव किए हैं। नीलामी को 'बिडर-फ्रेंडली' बनाने के लिए अब सब कुछ ई-नीलामी और ई-ड्रॉ के जरिए हो रहा है। इसके साथ ही, आर्थिक तंगी या किसी कारणवश भुगतान में देरी करने वाले आवंटियों को राहत देते हुए ब्याज दर को 14% से घटाकर 12% कर दिया गया है। विभाग ने अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए एक सख्त 'टाइमलाइन' भी निर्धारित की है। यदि कोई अधिकारी बिना ठोस कारण के निर्धारित समय के भीतर फाइल को मंजूरी नहीं देता, तो उस पर गाज गिरना तय है।
स्टिल्ट प्लस 4 फ्लोर: सड़क की चौड़ाई को लेकर सख्त हुआ नियम
शहरों में बढ़ते ट्रैफिक और बुनियादी ढांचे पर दबाव को देखते हुए सरकार ने चौथी मंजिल (Stilt + 4) के निर्माण पर नई बंदिशें लगाई हैं। अब 10 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़क वाले प्लॉटों पर ही चौथी मंजिल बनाने की इजाजत मिलेगी। हालांकि, यह नियम फिलहाल गुरुग्राम को छोड़कर पूरे प्रदेश में लागू कर दिया गया है। इस फैसले से रिहायशी इलाकों में पार्किंग और सड़कों पर बढ़ते दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। कुल मिलाकर, हरियाणा सरकार का यह 'ई-गवर्नेंस' मॉडल न केवल समय की बचत करेगा बल्कि आम आदमी के लिए सरकारी सेवाओं को मुट्ठी में कर देगा।