Haryana Petrol Price Today: हरियाणा में 10 दिन में चौथी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, जानें अपने शहर का रेट
May 25, 2026 11:52 AM
हरियाणा। हरियाणा की जनता पर महंगाई का एक और बड़ा बोझ आ गिरा है। तेल कंपनियों ने सोमवार सुबह छह बजे से पेट्रोल और डीजल की नई दरें लागू कर दी हैं, जिसने प्रदेश में पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। ताजा संशोधन के बाद हरियाणा में औसतन पेट्रोल ₹2.60 महंगा होकर ₹103 प्रति लीटर के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है। वहीं डीजल के दाम में भी ₹2.70 प्रति लीटर का तगड़ा इजाफा किया गया है, जिसके बाद इसके रेट ₹95.66 हो गए हैं। इस बढ़ोतरी के बाद सूबे के अधिकांश जिलों में पेट्रोल ₹100 के पार चला गया है, जबकि सिरसा में यह सबसे महंगा यानी ₹104.43 प्रति लीटर बिक रहा है।
10 दिन में चौथी बार बढ़े दाम; देखें प्रमुख शहरों के नए रेट
आम जनता के बजट को बिगाड़ने वाली बात यह है कि पिछले महज 10 दिनों के भीतर ईंधन की कीमतों में यह चौथी बड़ी बढ़ोतरी है। इस अल्पावधि में पेट्रोल के दाम कुल ₹7.37 प्रति पैसे तक बढ़ चुके हैं। इससे पहले 15 और 19 मई को भी कीमतों में करीब ₹3 और 90 पैसे का इजाफा हुआ था।
पंप एसोसिएशन की चेतावनी: अभी और जेब ढीली करने को रहें तैयार
इस बीच, हरियाणा पेट्रोल पंप एसोसिएशन के प्रधान संजीव चौधरी ने उपभोक्ताओं को और बड़े झटके के लिए तैयार रहने को कहा है। संजीव चौधरी ने बताया कि मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल दोनों पर कुल ₹10 तक की बढ़ोतरी करने की योजना बना रही है। अभी तक चार किस्तों में आधी बढ़ोतरी ही हुई है। आने वाले दिनों में कंपनियां एक या दो बार में तीन से चार रुपये का और इजाफा कर सकती हैं, जिससे राहत मिलने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही।
झज्जर में ब्लिंकिट राइडर्स का हल्लाबोल, डिलीवरी सेवाएं ठप
पेट्रोल की इस बेकाबू रफ्तार का सीधा असर अब जमीन पर दिखने लगा है। झज्जर में बढ़ती कीमतों से परेशान ऑनलाइन डिलीवरी ऐप 'ब्लिंकिट' के राइडर्स ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। राइडर्स का कहना है कि पेट्रोल की कीमतें रोज बढ़ रही हैं, लेकिन कंपनी की तरफ से प्रति ऑर्डर मिलने वाला भुगतान और इंसेंटिव पुराना ही है, जिससे उनकी रोजाना की आमदनी का बड़ा हिस्सा ईंधन में ही स्वाहा हो रहा है। इस हड़ताल के चलते झज्जर शहर में ब्लिंकिट की सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं और लोगों को सामान नहीं मिला।
क्यों सुलग रही हैं कीमतें और क्या होगा आम आदमी पर असर?
इस बेतहाशा बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) का उबलना है। ईरान और अमेरिका के बीच पैदा हुए युद्ध के हालातों से पहले जो कच्चा तेल 70 डॉलर प्रति बैरल था, वह अब 100 डॉलर के पार जा चुका है। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश तेल आयात करता है, इसलिए कंपनियों ने अपने घाटे की भरपाई के लिए यह बोझ जनता पर डाला है।
इस ईंधन वृद्धि का सीधा असर आम आदमी की थाली पर पड़ने वाला है। डीजल महंगा होने से मालभाड़ा बढ़ेगा, जिससे बाहरी राज्यों से आने वाले फल, सब्जियां और राशन महंगे हो जाएंगे। इसके अलावा, ट्रैक्टर और पंपिंग सेट का खर्च बढ़ने से किसानों की लागत बढ़ेगी और स्कूल बस से लेकर ऑटो तक का सफर महंगा होना तय है।