HPS Officers Promoted IPS: हरियाणा पुलिस में प्रमोशन: 21 HPS अफसर बने IPS, केंद्र सरकार ने जारी किए आदेश
May 22, 2026 10:17 AM
हरियाणा। हरियाणा के पुलिस महकमे से इस वक्त की सबसे बड़ी और प्रशासनिक तौर पर बेहद अहम खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार की पैरवी और संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठकों का नतीजा अब सामने आ गया है। हरियाणा पुलिस सेवा (HPS) के 21 अफसरों को प्रमोट कर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में शामिल कर लिया गया है। इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से बाकायदा अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस बड़े फैसले के बाद से ही पुलिस महकमे और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
चार अफसरों की विदाई के बाद पूरा हुआ सपना, सेवा का मिला बड़ा इनाम
इस पूरी लिस्ट में एक दिलचस्प और भावुक पहलू यह भी है कि जिन 21 अधिकारियों के नाम इस प्रमोशन लिस्ट में शामिल हैं, उनमें से 4 अधिकारी अपनी सरकारी सेवा पूरी कर रिटायर भी हो चुके हैं। नियमानुसार, पात्रता अवधि के दौरान उनके बेहतरीन रिकॉर्ड को देखते हुए सरकार ने उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद भी यह सम्मान दिया है। प्रमोट होने वाले इन सभी अफसरों ने फील्ड में रहते हुए हरियाणा के अलग-अलग जिलों, खुफिया विभागों और विशेष विंगों में कानून-व्यवस्था को बनाए रखने में सालों तक अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सचिवालय से लेकर थानों तक बधाइयों का दौर, अब मिलेगी नई जिम्मेदारी
जैसे ही चंडीगढ़ स्थित पुलिस मुख्यालय (DGP ऑफिस) तक इन आदेशों की कॉपी पहुंची, अधिकारियों और उनके मातहतों में खुशी का माहौल बन गया। सालों से अटकी इस फाइल के क्लियर होने का इंतजार सिर्फ इन अफसरों को ही नहीं, बल्कि पूरे महकमे को था। आईपीएस कैडर मिलने के बाद अब इन अधिकारियों के कंधे पर बड़ी जिम्मेदारी आएगी। कयास लगाए जा रहे हैं कि राज्य सरकार जल्द ही इन प्रमोटेड अफसरों की नई पोस्टिंग लिस्ट जारी कर सकती है, जिससे कई जिलों के कप्तानों (SP) और रेंज कमिश्नर दफ्तरों के समीकरण बदलेंगे।
दिल्ली से चंडीगढ़ तक चली फाइल, तब जाकर क्लीयर हुआ रास्ता
प्रशासनिक जानकारों की मानें तो राज्य पुलिस सेवा से केंद्रीय सेवा यानी आईपीएस में जाने का यह रास्ता इतना आसान नहीं था। इसके लिए राज्य सरकार की तरफ से अधिकारियों के सर्विस रिकॉर्ड, एसीआर (ACR) और विजिलेंस क्लीयरेंस की फाइलों को कई बार खंगाला गया। इसके बाद दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्रालय और यूपीएससी के साथ राज्य के शीर्ष अधिकारियों की बैठकें हुईं। सभी कानूनी और विभागीय अड़चनों को दूर करने के बाद आखिरकार केंद्र सरकार ने इन 21 जांबाज अफसरों के नाम पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी।