हरियाणा पुलिस का डिजिटल प्रहार: 3 महीने में 6,000 से ज्यादा आपत्तिजनक URL डिलीट, मचा हड़कंप
Apr 11, 2026 2:35 PM
हरियाणा। इंटरनेट की विशाल दुनिया में छिपे अपराध और अनैतिकता को खंगालना कोई आसान काम नहीं था। हरियाणा पुलिस की साइबर टीमों ने तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से एक ऐसा जाल बुना, जिसने सोशल मीडिया, वेबसाइट्स और मैसेजिंग एप्स पर घूम रहे आपत्तिजनक कंटेंट को ट्रैक करना शुरू किया। पुलिस महानिदेशक (DGP) शत्रुजीत कपूर के मुताबिक, इन 6 हजार से अधिक यूआरएल में वो लिंक्स शामिल थे, जो अश्लीलता परोसने के साथ-साथ युवाओं को अपराध की दलदल में धकेल रहे थे या फिर सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने वाली भ्रामक सूचनाएं फैला रहे थे।
मुख्यमंत्री के निर्देश: "डिजिटल मर्यादा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं"
हाल ही में कार्यभार संभालने वाले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया था कि हरियाणा की धरती पर न केवल जमीन पर, बल्कि डिजिटल स्पेस में भी कानून का राज होगा। इसी नीति पर चलते हुए पुलिस ने उन कंटेंट क्रिएटर्स और वेबसाइट्स पर शिकंजा कसा है जो महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाले वीडियो या फोटो साझा करते थे। इस कार्रवाई का एक बड़ा हिस्सा बच्चों और महिलाओं के खिलाफ होने वाले ऑनलाइन अपराधों को रोकने के लिए समर्पित रहा है।
युवाओं और समाज को बचाने की चुनौती
साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के 'हंटर' की सख्त जरूरत थी। इंटरनेट पर परोसा जा रहा आपत्तिजनक कंटेंट न केवल नैतिक मूल्यों का पतन कर रहा है, बल्कि यह साइबर अपराधों की पहली सीढ़ी भी बन जाता है। हरियाणा पुलिस ने चेतावनी दी है कि वे यूआरएल केवल ब्लॉक नहीं किए जा रहे, बल्कि उनके पीछे छिपे संचालकों की कुंडली भी खंगाली जा रही है। अगर कोई बार-बार ऐसी सामग्री पोस्ट करता पाया गया, तो उस पर आईटी एक्ट की धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जागरूक नागरिक भी बनें 'डिजिटल गार्ड'
पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे इंटरनेट का उपयोग करते समय सतर्क रहें। यदि उन्हें किसी भी सोशल मीडिया हैंडल या वेबसाइट पर कोई आपत्तिजनक, भ्रामक या अश्लील जानकारी दिखती है, तो वे तुरंत इसकी सूचना साइबर हेल्पलाइन या आधिकारिक पोर्टल पर दें। हरियाणा पुलिस का मानना है कि जनता के सहयोग और तकनीकी मुस्तैदी के मेल से ही इंटरनेट को 'सभ्य और सुरक्षित' बनाया जा सकता है।