हरियाणा पुलिस में बड़ा फेरबदल: 15 HPS अधिकारियों का तबादला, गुरुग्राम और सोनीपत को मिले नए ACP
May 15, 2026 5:08 PM
हरियाणा। हरियाणा में प्रशासनिक कसावट लाने की कवायद के बीच सरकार ने पुलिस विभाग में एक और बड़ा फेरबदल किया है। गृह विभाग ने देर शाम आदेश जारी करते हुए हरियाणा पुलिस सेवा (HPS) के 15 अधिकारियों के कार्यभार में बदलाव कर दिया है। सरकार का यह कदम प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति को बेहतर बनाने और फील्ड में अधिकारियों की कार्यक्षमता को परखने के तौर पर देखा जा रहा है। इन आदेशों के तहत कई महत्वपूर्ण जिलों के डीएसपी (DSP) और एसीपी (ACP) को नई पोस्टिंग दी गई है, जबकि कुछ अधिकारियों को मुख्यालय और विशेष शाखाओं में तैनात किया गया है।
गुरुग्राम और सोनीपत में नए ACP, करनाल में डीएसपी की तैनाती
नियुक्ति सूची पर नजर डालें तो गुरुग्राम और सोनीपत जैसे एनसीआर (NCR) के जिलों पर विशेष ध्यान दिया गया है। गुरुग्राम में सुरेश कुमार और कपिल को एसीपी (ACP) की जिम्मेदारी सौंपी गई है, वहीं सोनीपत में संदीप कुमार और कमलजीत सिंह को एसीपी पद पर तैनात किया गया है। जिलों की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए रमेश कुमार को बिलासपुर (यमुनानगर) और सोनू नरवाल को मुख्यमंत्री के गृह जनपद करनाल का डीएसपी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, तकनीकी सेवाओं को मजबूती देने के लिए अमरजीत सिंह और आर्यन चौधरी को टेलीकॉम विभाग में विशेष जिम्मेदारी दी गई है।
पुरानी लिस्ट में सुधार: कई आदेश किए गए रद्द
इस बार के फेरबदल की सबसे खास बात यह रही कि सरकार ने पूर्व में जारी किए गए कुछ तबादला आदेशों को वापस ले लिया है। प्रशासनिक फेरबदल के दौरान कई बार स्थितियां बदल जाती हैं, जिसके चलते नरेंद्र सिंह (पानीपत), अमन यादव (फरीदाबाद), और अभिलाष जोशी (गुरुग्राम) जैसे अधिकारियों के पिछले आदेशों को निरस्त कर दिया गया है। इसके साथ ही सीआईडी (CID) विभाग में तैनात शाकिर हुसैन के तबादले पर भी फिलहाल रोक लगा दी गई है।
चुनाव और कानून-व्यवस्था के लिहाज से अहम कदम
जानकारों का मानना है कि पुलिस महकमे में यह फेरबदल केवल रूटीन प्रक्रिया नहीं है। प्रदेश में अपराध नियंत्रण और वीआईपी सुरक्षा के मद्देनजर सरकार समय-समय पर अधिकारियों की कार्यशैली के आधार पर उन्हें नई भूमिकाएं सौंपती है। नए अधिकारियों की तैनाती से उम्मीद की जा रही है कि गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे हाई-प्रोफाइल इलाकों में पुलिस की कार्यप्रणाली में तेजी आएगी और पेंडिंग मामलों का निपटारा जल्द हो सकेगा।