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रेवाड़ी में मोबाइल चोरी के बाद सिम के जरिए उड़ाए ₹1.04 लाख, 69 हजार

May 15, 2026 5:19 PM

रेवाड़ी। ट्रेनों में मोबाइल चोरी की वारदातें तो आम हैं, लेकिन रेवाड़ी में एक ऐसा मामला सामने आया है जहां चोर ने सिर्फ मोबाइल नहीं चुराया, बल्कि डिजिटल फ्रॉड का एक ऐसा शातिर ताना-बाना बुना कि पुलिस भी हैरान रह गई। रेवाड़ी राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने एक ऐसे ही हाईटेक शातिर चोर को दबोचने में सफलता हासिल की है, जिसने चोरी के मोबाइल की सिम का इस्तेमाल कर पीड़ित के बैंक खाते से 1.04 लाख रुपये पार कर दिए थे। जीआरपी थाना प्रभारी (एसएचओ) कृष्ण कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पकड़े गए आरोपी की पहचान बल्लभगढ़ के प्रहलादपुर माजरा निवासी लक्की ठाकुर के रूप में हुई है।

खाटू श्याम की यात्रा के दौरान कटी जेब

इस पूरे घालमेल की शुरुआत पिछले साल 17 दिसंबर को हुई थी। बिहार के यशवंतपुर निवासी पप्पू पासवान ने इस संबंध में एक जीरो एफआईआर दर्ज कराई थी। पप्पू पासवान ने पुलिस को बताया था कि वह बाबा खाटू श्याम के दर्शन के लिए रेवाड़ी रेलवे स्टेशन से ट्रेन में सवार हो रहे थे। भारी भीड़ का फायदा उठाकर किसी जेबकतरे ने उनकी जेब से की-पैड वाला मोबाइल फोन उड़ा दिया। पप्पू पासवान ने मोबाइल खोने की बात को आम चोरी समझा, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि शातिर अपराधी इसके जरिए उनके जीवन भर की कमाई पर नजर गड़ाए बैठा है।

"तुम्हारे पापा बीमार हैं..." और साफ हो गया खाता

चोर लक्की ठाकुर ने मोबाइल चुराने के बाद सबसे पहले उसकी सिम निकालकर अपने स्मार्टफोन में एक्टिवेट की। इसके बाद उसने पप्पू पासवान के बेटे को फोन मिलाया। फोन पर आरोपी ने बेहद घबराए हुए लहजे में झूठ बोला कि तुम्हारे पिता की तबीयत अचानक बहुत बिगड़ गई है और वे अस्पताल में हैं। आरोपी ने झांसा देकर कहा कि आपातकालीन इलाज के लिए तुरंत 500 रुपये ट्रांसफर कर दो। पिता की बीमारी की खबर सुनकर घबराए बेटे ने बिना सोचे-समझे बताए गए तरीके से 500 रुपये भेज दिए। बस, यहीं उसने बड़ी चूक कर दी। इस छोटे से ट्रांजैक्शन के जरिए शातिर लक्की ठाकुर को पीड़ित के बैंक खाते का पूरा एक्सेस मिल गया। इसके बाद उसने बिना वक्त गंवाए पप्पू पासवान के खाते से कुल 1.04 लाख रुपये अपने अकाउंट में ट्रांसफर कर लिए।

भिवाड़ी के किराए के कमरे से दबोचा गया शातिर

जब पीड़ित परिवार को बैंक से पैसे कटने का मैसेज मिला, तब जाकर उन्हें इस ठगी का अहसास हुआ। जीआरपी ने जीरो एफआईआर के आधार पर तकनीकी तफ्तीश शुरू की, तो कड़ियां जुड़ती चली गईं। साइबर सेल की मदद से पता चला कि गायब हुई सिम से ट्रांसफर की गई रकम बल्लभगढ़ के लक्की ठाकुर के खाते में गई है। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी अपनी पहचान छिपाकर राजस्थान के भिवाड़ी में एक किराए का कमरा लेकर रह रहा है। जीआरपी की एक विशेष टीम ने मुखबिर की सूचना पर भिवाड़ी में दबिश देकर लक्की को रंगे हाथों दबोच लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है और पुलिस ने उसके कब्जे से चुराए गए पैसों में से 69 हजार रुपये बरामद कर लिए हैं। शेष राशि की बरामदगी के लिए पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।


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