Anil Vij Action: हरियाणा में आंधी से गिरे 13 हजार बिजली के खंभे, ऊर्जा मंत्री का युद्धस्तर पर बहाली का आदेश
Jun 14, 2026 2:24 PM
हरियाणा। हरियाणा में पिछले दिनों आए तेज आंधी-तूफान ने बिजली महकमे को भारी चपत लगाई है। अंधड़ की वजह से प्रदेश के कई जिलों में बुनियादी ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है, जिससे सैकड़ों गांवों में अंधेरा पसर गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुबह एक्शन मोड में आए सूबे के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने आला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। विज ने दो टूक लहजे में हिदायत दी है कि प्रभावित इलाकों में कागजी कार्रवाई छोड़ बिजली आपूर्ति को युद्धस्तर पर बहाल किया जाए, ताकि आम जनता को इस उमस भरी गर्मी में ज्यादा देर परेशान न होना पड़े।
दक्षिण हरियाणा में सबसे ज्यादा तबाही, आंकड़ों में समझें नुकसान का गणित
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बिजली बोर्ड से मिले नुकसान के आधिकारिक आंकड़े साझा करते हुए बताया कि इस आंधी ने सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया है। प्रदेशभर में कुल 13,277 बिजली के खंभे या तो बीच से टूट गए या फिर पूरी तरह उखड़ गए। भौगोलिक दृष्टि से देखें तो उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) के तहत आने वाले जिलों में 2,791 पोल गिरे हैं। वहीं, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के इलाकों में तबाही का मंजर ज्यादा बड़ा है, जहां अकेले 10,486 खंभे जमीन पर आ गिरे। इस भारी नुकसान के चलते बिजली लाइनों का जाल पूरी तरह बिखर गया है।
233 गांवों की बत्ती गुल, 842 फीडर ठप होने से हाहाकार
खंभे गिरने का सीधा असर ग्रामीण अंचल की बिजली सप्लाई पर पड़ा है। आंधी-तूफान के कारण हरियाणा के 233 गांवों की बिजली गुल है। इनमें उत्तर हरियाणा के 32 और दक्षिण हरियाणा के 201 गांव शामिल हैं, जहां लोग पीने के पानी और अन्य रोजमर्रा की जरूरतों के लिए तरस रहे हैं। इसके अलावा, तकनीकी रीढ़ कहे जाने वाले 842 बिजली फीडर भी पूरी तरह ट्रिप या डैमेज हो गए हैं। इसमें यूएचबीवीएन के 458 और डीएचबीवीएन के 384 फीडर शामिल हैं। फिलहाल इन फीडरों को स्टेप-बाय-स्टेप चालू करने की कवायद चल रही है।
दिन-रात काम कर रहे हैं 1552 जांबाज कर्मचारी, निगरानी के लिए कड़े निर्देश
ठप पड़ी जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने के लिए बिजली विभाग के 1,552 लाइनमैन और तकनीकी दल को फील्ड में झोंक दिया गया है। उत्तर हरियाणा में 620 और दक्षिण हरियाणा में 932 कर्मचारी भारी मशीनों के साथ ट्रांसफार्मरों और जर्जर तारों को बदलने में जुटे हैं।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने स्पष्ट किया कि सरकार आमजन को निर्बाध बिजली देने के लिए प्रतिबद्ध है और इस आपदा की घड़ी में किसी भी स्तर पर संसाधनों की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने बड़े अधिकारियों को खुद फील्ड में जाकर मॉनिटरिंग करने और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त लेबर लगाने के आदेश दिए हैं।