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हुड्डा गुट छोड़ सैलजा खेमे में गए परमवीर सिंह का राज्यसभा वोट रद्द, जानें कौन हैं ये 3 बार के दिग्गज विधायक

Mar 17, 2026 12:57 AM

Haryana Rajya Sabha 2026 Winners List ( हरियाणा राज्यसभा चुनाव 2026: विजेताओं के नाम) : चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा के भीतर चल रही राज्यसभा की दो सीटों की मतगणना किसी सस्पेंस थ्रिलर में तब्दील हो गई है। वोटों की गिनती शुरू होने से पहले ही 'सीक्रेसी लीक' (गोपनीयता भंग होने) के बवाल ने पूरी प्रक्रिया पर ब्रेक लगा दिया। चुनाव आयोग की सख्ती का सीधा असर कांग्रेस पर पड़ा है, जिसके टोहाना से विधायक परमवीर सिंह का वोट रद्द कर दिया गया है।

दिलचस्प बात यह है कि क्रॉस-शिकायतों के इस दौर में कांग्रेस विधायक भरत सिंह बेनीवाल और प्रदेश के कद्दावर कैबिनेट मंत्री अनिल विज के वोटों पर भी सवाल उठाए गए थे। हालांकि, चुनाव आयोग ने जांच के बाद इन दोनों के मतों को वैध (वैलिड) करार दिया है। कांग्रेस सांसद जयप्रकाश के मुताबिक, अंदर वोटों की भारी स्क्रीनिंग चल रही है और दो वोटों को रद्द किए जाने के मसले पर तीखी बहस के बाद ही गिनती का असल काम शुरू हो सकेगा।

आंकड़ों का खेल और नांदल का 'साइलेंट गेम'

90 सदस्यों वाली हरियाणा विधानसभा में इस बार केवल 88 विधायकों ने ही अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के दोनों विधायकों अर्जुन चौटाला और आदित्य देवीलाल ने पूरी चुनाव प्रक्रिया से खुद को दूर रखा।

कागजों पर सीधे गणित को देखें, तो बीजेपी उम्मीदवार संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध के पास जीत के लिए पर्याप्त आंकड़े मौजूद हैं। लेकिन राजनीति में जो दिखता है, वो हमेशा होता नहीं। कांग्रेस विधायक का वोट रद्द होने और क्रॉस वोटिंग की सुगबुगाहट के बीच, बीजेपी के समर्थन से मैदान में उतरे निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल ने मुकाबले को कांटे का बना दिया है। नांदल की नजरें इसी बात पर टिकी थीं कि अगर कांग्रेस के वोट कटते हैं, तो उनके लिए दूसरी सीट निकालने का रास्ता साफ हो जाएगा।

कौन हैं परमवीर सिंह, जिनके वोट पर मचा है सियासी बवंडर?

जिन परमवीर सिंह का वोट रद्द हुआ है, उनका हरियाणा की राजनीति में अपना एक रसूख है। टोहाना से तीसरी बार विधायक चुने गए परमवीर, दरअसल कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे हरपाल सिंह के बेटे हैं, जो खुद इसी सीट से 5 बार विधायक रहे थे।

परमवीर ने 2005 में पहली बार विधानसभा पहुंचकर अपनी सियासी पारी शुरू की थी और 2009 में जीत दर्ज करने के बाद हुड्डा सरकार में कृषि मंत्री का ओहदा भी संभाला। 2014 और 2019 के चुनावों में लगातार हारने के बाद 2024 में उन्होंने जोरदार वापसी की। सियासत के जानकारों के लिए यह भी गौर करने वाली बात है कि कभी पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बेहद खास माने जाने वाले परमवीर सिंह, आजकल सांसद कुमारी सैलजा के खेमे में गिने जाते हैं। उनके छोटे भाई रणधीर सिंह भी 11 सालों तक फतेहाबाद में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रह चुके हैं।

खड़गे की चिट्ठी ने बढ़ाई सरगर्मी

उधर, मतगणना में हो रही इस अस्वाभाविक देरी ने दिल्ली में बैठी कांग्रेस आलाकमान की बेचैनी बढ़ा दी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सीधे चुनाव आयोग को आपात पत्र लिखकर गंभीर आरोप लगाए हैं। खड़गे ने अपनी चिट्ठी में साफ कहा है कि कोई जानबूझकर इस चुनाव में गड़बड़ी पैदा करने और प्रक्रिया को बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने आयोग से तुरंत दखल देने की मांग करते हुए कहा कि सही वोटों को गलत ठहराकर नतीजों को प्रभावित करने की इस साजिश पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।

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