Haryana Right to Service Commission: हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग में मुख्य आयुक्त की तलाश, मुख्य सचिव ने जारी की गाइडलाइन
Jun 16, 2026 5:08 PM
चंडीगढ़। प्रदेश की जनता को तय समय सीमा के भीतर सरकारी सेवाएं सुनिश्चित करने वाले 'हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग' (राइट टू सर्विस कमीशन) के शीर्ष पदों को भरने के लिए राज्य सरकार ने कदम आगे बढ़ा दिए हैं। आयोग में काफी समय से खाली चल रहे मुख्य आयुक्त और एक आयुक्त के पद पर स्थाई नियुक्तियों के लिए बाकायदा आवेदन मांगे गए हैं। इस पूरी भर्ती प्रक्रिया को किसी भी तरह के राजनीतिक प्रभाव से दूर रखने और प्रशासनिक तौर पर पूरी तरह पारदर्शी व असरदार बनाने के लिए सरकार ने एक विशेष 'सर्च कमेटी' का जिम्मा सौंपा है। यह कमेटी प्राप्त आवेदनों की बारीकी से छंटनी करेगी और योग्य उम्मीदवारों के नामों का एक पैनल तैयार कर अंतिम मुहर के लिए वैधानिक चयन समिति (स्टेट्यूटरी सिलेक्शन कमेटी) के पास भेजेगी।
मुख्य सचिव ने जारी की अधिसूचना; जानिए क्या है आयोग का ढांचा
हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम-2014 के नियमों के तहत इस आयोग का संचालन होता है। इस कानून के मुताबिक आयोग में एक मुख्य आयुक्त और अधिकतम चार आयुक्तों की तैनाती का प्रावधान है। वर्तमान में शीर्ष स्तर पर खाली पड़े पदों को भरने की जरूरत को देखते हुए मुख्य आयुक्त और एक आयुक्त के पद के लिए यह पूरी प्रक्रिया शुरू की गई है।
देश के शीर्ष नौकरशाह ही बन पाएंगे 'चीफ'; पात्रता के कड़े नियम तय
सरकार की ओर से इन पदों की गरिमा और जिम्मेदारी को देखते हुए योग्यता के पैमाने काफी कड़े रखे गए हैं। अधिसूचना के अनुसार:
मुख्य आयुक्त पद के लिए: केवल वही अधिकारी दावेदारी ठोक सकते हैं जो हरियाणा के पूर्व या वर्तमान मुख्य सचिव (चीफ सेक्रेटरी) रहे हों, या फिर केंद्र सरकार में सचिव (सेक्रेटरी) स्तर अथवा उसके समकक्ष पद पर सेवाएं दे चुके हों या दे रहे हों।
आयुक्त पद के लिए: हरियाणा सरकार के ऐसे सेवानिवृत्त अधिकारी इसके लिए योग्य माने जाएंगे जो प्रशासनिक सचिव या राज्य सेवा में उसके बराबर के पद पर रहे हों। इसके अलावा हरियाणा कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारियों को भी इस पद के लिए रेस में शामिल होने की पात्रता दी गई है।
5 साल का कार्यकाल और दोबारा नो-एंट्री; 1 जुलाई तक जमा होंगे आवेदन
इस पद पर चुनी जाने वाली शख्सियत का कार्यकाल उनके पदभार संभालने के दिन से लेकर अगले 5 सालों के लिए होगा। हालांकि, यदि वे इस अवधि के दौरान 65 वर्ष की आयु पूरी कर लेते हैं, तो उनका कार्यकाल वहीं समाप्त हो जाएगा। आयोग के नियमों के मुताबिक इन पदों पर किसी भी अधिकारी की पुनर्नियुक्ति (दोबारा बहाली) नहीं की जा सकती। इनके वेतन, भत्ते और अन्य नियम व शर्तें हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम-2014 और साल 2019 में किए गए संशोधनों के आधार पर तय होंगी।
प्रशासनिक गलियारों में इस पद को लेकर अभी से जोड़-तोड़ शुरू हो गई है। इच्छुक उम्मीदवारों को अपने आवेदन 1 जुलाई 2026 की शाम 5 बजे तक तय प्रारूप में जमा कराने होंगे। सभी आवेदन पत्र चंडीगढ़ के सेक्टर-1 स्थित हरियाणा सिविल सचिवालय की छठी मंजिल पर कमरा नंबर 44-बी में सामान्य प्रशासन विभाग के आयुक्त एवं सचिव कार्यालय में स्वीकार किए जाएंगे। जो अधिकारी फिलहाल सरकारी सेवा में एक्टिव हैं, उन्हें अपने विभाग के जरिए यानी 'उचित माध्यम' से ही प्रोफाइल भेजना होगा।