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हरियाणा रोडवेज की 'हैप्पी' सौगात: अब 1000 किलोमीटर का सफर होगा बिल्कुल मुफ्त

Mar 17, 2026 12:45 PM

हरियाणा। हरियाणा में आम जनता, विशेषकर आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों के लिए सफर अब न केवल सुहाना बल्कि मुफ्त भी होने जा रहा है। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हैप्पी कार्ड’ (HAPPY Card) योजना ने धरातल पर रफ्तार पकड़ ली है। नूंह रोडवेज के महाप्रबंधक कुलदीप जांगड़ा ने बताया कि सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को बेहतर परिवहन सुविधा देना है। इस योजना के तहत जिन परिवारों की सालाना आय एक लाख रुपये से कम है, उन्हें हरियाणा रोडवेज की बसों में हर साल 1000 किलोमीटर तक निःशुल्क यात्रा करने का अधिकार दिया गया है। यह कदम उन लोगों के लिए बड़ी राहत है जिन्हें काम के सिलसिले में या पारिवारिक कारणों से रोज लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।

डिजिटल क्रांति: देश में पहली बार हरियाणा में 'ओपन लूप टिकटिंग'

हरियाणा रोडवेज ने केवल मुफ्त यात्रा ही नहीं, बल्कि तकनीक के मामले में भी देश के बड़े-बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। महाप्रबंधक जांगड़ा के अनुसार, हरियाणा अब देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहाँ सरकारी बसों में 'ओपन लूप टिकटिंग' प्रणाली को पूरी तरह लागू कर दिया गया है। इस आधुनिक व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब यात्रियों को खुले पैसों के लिए कंडक्टर से उलझने या लंबी लाइनों में लगने की जरूरत नहीं है। यात्री अपने सामान्य बैंक कार्ड, डेबिट या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करके भी टिकट का भुगतान कर सकते हैं। यह न केवल पारदर्शिता बढ़ा रहा है, बल्कि 'डिजिटल इंडिया' के सपने को रोडवेज की सीटों तक पहुँचा रहा है।

कैसे उठाएं फायदा और क्या है आवेदन का तरीका?

योजना का लाभ लेने के लिए पात्र लाभार्थियों को अपना 'हैप्पी कार्ड' बनवाना अनिवार्य है। यह कार्ड एक स्मार्ट कार्ड की तरह काम करता है, जिसे बस में चढ़ते ही मशीन पर स्वाइप किया जा सकता है। रोडवेज अधिकारियों ने नूंह और आसपास के क्षेत्र के पात्र परिवारों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपने नजदीकी बस स्टैंड या कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर पंजीकरण कराएं। इस कार्ड के माध्यम से यात्रा का पूरा विवरण डिजिटल रूप से दर्ज होता है, जिससे किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े की गुंजाइश खत्म हो जाती है। मध्यम और निम्न आय वर्ग के छात्रों और कामगारों के लिए यह योजना किसी लाइफलाइन से कम नहीं है।

पारदर्शी व्यवस्था से बदल रही रोडवेज की तस्वीर

परिवहन विभाग का मानना है कि हैप्पी कार्ड और डिजिटल टिकटिंग से रोडवेज की आय और व्यय का हिसाब सटीक रहेगा। पहले कई बार पास या मुफ्त यात्रा की श्रेणी को लेकर कंडक्टर और यात्री के बीच विवाद की स्थिति बनती थी, लेकिन अब कार्ड स्वाइप होते ही सब कुछ सिस्टम में दर्ज हो जाएगा। नूंह रोडवेज प्रबंधन अब गांव-गांव तक इस योजना की जानकारी पहुँचाने के लिए जागरूकता अभियान भी चला रहा है। सरकार की इस पहल से न केवल गरीब परिवारों की आर्थिक बचत होगी, बल्कि सार्वजनिक परिवहन के प्रति लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा।

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