रोडवेज कर्मचारियों का बड़ा ऐलान: 24 मई को परिवहन मंत्री अनिल विज के आवास का करेंगे घेराव
Apr 19, 2026 11:25 AM
हरियाणा। हरियाणा रोडवेज के कर्मचारी एक बार फिर आंदोलन की राह पर हैं। शनिवार को रोहतक में जुटी 'हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन' की अहम बैठक में सरकार की घेराबंदी की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई।
यूनियन ने साफ कर दिया है कि 24 मई को पूरे प्रदेश से कर्मचारी अंबाला पहुंचेंगे और परिवहन मंत्री अनिल विज के आवास का घेराव कर अपना मांग पत्र सौंपेंगे। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार रोडवेज का निजीकरण कर इसे पूंजीपतियों के हाथ में सौंपना चाहती है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
रोहतक में बनी रणनीति; सुभाष लांबा बोले- निजीकरण के नाम पर हो रहा खेल
बैठक में विशेष रूप से पहुंचे अखिल भारतीय राज्य कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय प्रधान सुभाष लांबा ने सरकार की नीतियों पर जमकर प्रहार किया। लांबा ने कहा कि सरकार 'नेशनल मुद्रीकरण पाइपलाइन' के नाम पर सरकारी विभागों को खत्म करने पर तुली है।
विभाग में कच्चे कर्मचारियों की भर्ती कर पक्की नौकरियों के रास्ते बंद किए जा रहे हैं। वहीं, यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र दिनोद ने कहा कि हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेशों के बावजूद सरकार अस्थाई कर्मचारियों को पक्का करने में जानबूझकर देरी कर रही है, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है।
अग्निशमन विभाग के आंदोलन को मिला साथ, मांगों की लंबी फेहरिस्त
रोडवेज कर्मचारियों ने इस दौरान एक बड़ा फैसला लेते हुए आंदोलनरत अग्निशमन विभाग (Fire Brigade) के कर्मचारियों को अपना समर्थन दिया है। यूनियन ने प्रस्ताव पास किया है कि यदि फायर ब्रिगेड कर्मी हड़ताल पर रहते हैं, तो रोडवेज का कोई भी चालक उनकी जगह ड्यूटी देने नहीं जाएगा।
कर्मचारियों की मुख्य मांगों में आठवें वेतन आयोग का गठन, पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) की बहाली, समान काम-समान वेतन और चालकों-परिचालकों का पे-ग्रेड बढ़ाना शामिल है। साथ ही 22 फरवरी 2026 को महानिदेशक के साथ हुई वार्ता में मानी गई शर्तों को तुरंत लागू करने की मांग भी उठाई गई है।