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हांसी के स्कूल का धमाका: सीबीएसई 10वीं में 67 बच्चों ने पार किया 90% का आंकड़ा, बना रिकॉर्ड

Apr 19, 2026 12:45 PM

हिसार। हिसार जिले के हांसी शहर के एक स्कूल ने सीबीएसई 10वीं की बोर्ड परीक्षा में वो कर दिखाया है, जिसकी मिसाल अब पूरे हरियाणा में दी जा रही है। परीक्षा परिणाम घोषित होते ही स्कूल परिसर खुशियों से सराबोर हो गया, जब यह पता चला कि संस्थान के 67 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर 'मेरिट' की झड़ी लगा दी है। एक ही स्कूल से इतनी बड़ी संख्या में बच्चों का टॉपर्स की सूची में आना न केवल स्कूल प्रबंधन के लिए गर्व की बात है, बल्कि जिले के शिक्षा जगत में भी यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

ग्रामीण अंचल की बेटियों ने दिखाया दमखम; ढोल की थाप पर थिरके छात्र

इस रिजल्ट की सबसे सुखद तस्वीर यह रही कि 90 फीसदी का आंकड़ा पार करने वाले इन 67 मेधावियों में बेटियों का दबदबा देखने को मिला। इनमें से कई छात्र-छात्राएं ग्रामीण परिवेश से आते हैं, जिन्होंने साबित कर दिया कि अगर सुविधाएं और सही मार्गदर्शन मिले, तो प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नहीं होती। स्कूल प्रबंधन ने इस ऐतिहासिक दिन को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जैसे ही बच्चे स्कूल पहुंचे, उनका स्वागत ढोल-नगाड़ों की थाप और फूलों की वर्षा के साथ किया गया। अपनी मेहनत का फल पाकर छात्रों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता व शिक्षकों को दिया।

रट्टा मार पढ़ाई को कहा 'बाय-बाय', विशेष रणनीति से मिली जीत

स्कूल के प्रधानाचार्य ने अपनी खुशी साझा करते हुए बताया कि यह सफलता रातों-रात नहीं मिली, बल्कि इसके पीछे पूरे साल की 'माइक्रो-प्लानिंग' रही है। स्कूल ने पारंपरिक पढ़ाई के ढर्रे को छोड़कर आधुनिक तकनीक और विशेष रणनीति पर काम किया। कमजोर छात्रों के लिए एक्स्ट्रा क्लास और हर बच्चे की प्रोग्रेस पर बारीकी से नजर रखने के लिए शिक्षकों की विशेष टीमें बनाई गई थीं। स्कूल का मुख्य जोर बच्चों को विषयों को रटाने के बजाय उनके 'कॉन्सेप्ट' क्लियर करने पर रहा। नियमित टेस्ट सीरीज और समय-समय पर आयोजित मोटिवेशनल सेशन ने बच्चों के आत्मविश्वास को उस स्तर पर पहुंचा दिया, जहां परिणाम आज सबके सामने है।

अन्य संस्थानों के लिए प्रेरणा बना हांसी का यह मॉडल

बोर्ड परीक्षाओं के तनावपूर्ण माहौल के बीच इस स्कूल के प्रदर्शन ने एक नई राह दिखाई है। प्रधानाचार्य का मानना है कि पढ़ाई को बोझ समझने के बजाय अगर उसे गहराई से समझने के लिए प्रेरित किया जाए, तो कोई भी लक्ष्य हासिल करना नामुमकिन नहीं है। आज यह स्कूल न केवल हांसी बल्कि पूरे हरियाणा के लिए एक रोल मॉडल बनकर उभरा है। शिक्षाविदों का कहना है कि अगर प्रदेश के अन्य स्कूल भी इसी तरह की व्यक्तिगत मार्गदर्शन वाली नीति अपनाएं, तो हरियाणा शिक्षा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बन सकता है।

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