Haryana Roadways Happy Card : हरियाणा में 20 लाख नए हैप्पी कार्ड बांटेगी सैनी सरकार, रोडवेज बसों में सफर बिल्कुल मुफ्त
May 27, 2026 5:19 PM
हरियाणा। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सूबे के सार्वजनिक परिवहन ढांचे में आमूलचूल बदलाव के संकेत दिए हैं। चंडीगढ़ में आयोजित विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य प्रदेश के आखिरी छोर पर बसे गांव को भी मुख्य शहरों के बस नेटवर्क से जोड़ना है। इसके लिए अधिकारियों को एक व्यावहारिक और नया रूट प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि अगर जनता की सहूलियत के लिए जरूरी हुआ, तो परिवहन विभाग की पुरानी और रूढ़िवादी नीतियों में संशोधन करने से भी सरकार पीछे नहीं हटेगी।
डिजिटल युग में कदम: मोबाइल ऐप पर दिखेगी बस की लोकेशन और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
रोडवेज के सफर को हाईटेक और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार कई बड़े तकनीकी बदलाव करने जा रही है। अब यात्रियों को बस स्टैंड पर घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि सभी बसों को रियल टाइम ट्रैकिंग सिस्टम से लैस किया जा रहा है। इसके जरिए लोग अपने मोबाइल एप्लिकेशन पर ही देख सकेंगे कि उनकी बस इस वक्त कहां है और स्टैंड पर कितने बजे पहुंचेगी। इसके अलावा, बसों में सफर करने वाली महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए गाड़ियों के भीतर सीसीटीवी कैमरे और सीधे कंट्रोल रूम से जुड़े पैनिक बटन इंस्टॉल किए जाएंगे।
चार्जिंग स्टेशन और सोलर रूफटॉप के साथ सड़कों पर दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक बसें
पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए सरकार का पूरा जोर अब इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अगले एक साल के भीतर राज्य में 10 नए अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बस स्टैंड विकसित किए जाएंगे। इन बस अड्डों की खासियत यह होगी कि यहां चौबीसों घंटे बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए रूफटॉप सोलर पैनल लगाए जाएंगे, जिससे इलेक्ट्रिक बसों को चार्ज करने में कोई बाधा न आए। बड़े शहरों में मेट्रो, रेलवे स्टेशन, बड़े अस्पतालों और औद्योगिक क्षेत्रों को आपस में जोड़ने के लिए सिटी बस सेवा का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है।
बिना प्रदूषण सर्टिफिकेट के पेट्रोल-डीजल पर पाबंदी, पंपों पर स्कैन होंगे नंबर प्लेट
बैठक में पर्यावरण को लेकर एक बेहद सख्त और अनोखा फैसला भी लिया गया। अब प्रदेश में बिना 'पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल' (PUC) सर्टिफिकेट के घूम रहे वाहनों की खैर नहीं होगी। नई व्यवस्था के तहत पेट्रोल पंपों पर विशेष नंबर प्लेट स्कैनिंग कैमरे लगाए जाएंगे। जैसे ही कोई वाहन ईंधन भरवाने पहुंचेगा, कैमरा उसकी नंबर प्लेट को स्कैन कर डेटाबेस से पीयूसी की वैधता जाँचेगा। यदि वाहन का प्रदूषण सर्टिफिकेट एक्सपायर हो चुका होगा, तो मशीनें उसे पेट्रोल या डीजल देने से मना कर देंगी। सरकार इस कदम के जरिए सड़कों पर दौड़ने वाले खटारा और धुआं उगलने वाले वाहनों पर पूरी तरह नकेल कसना चाहती है।