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हरियाणा स्टेट क्राइम ब्रांच में बड़ा बदलाव: IPS और HPS अफसरों की बदली जिम्मेदारी, देखें पूरी लिस्ट

May 07, 2026 10:18 AM

हरियाणा। हरियाणा पुलिस की सबसे महत्वपूर्ण जांच इकाई, 'स्टेट क्राइम ब्रांच' में आंतरिक स्तर पर एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी लाने के मकसद से अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) संजय कुमार ने अधिकारियों के कार्यभार में व्यापक फेरबदल किया है। इस नए कार्य वितरण के तहत मुख्यालय से लेकर जिला स्तर की यूनिट्स तक, कमांड की पूरी चेन को नए सिरे से व्यवस्थित किया गया है। अब आईजी, डीआईजी और एसपी स्तर के अधिकारी अपनी नई नोडल जिम्मेदारियों के साथ अपराध के गंभीर मामलों की निगरानी करेंगे।

राकेश आर्य और हामिद अख्तर को मिलीं अहम कमान

आदेशों के मुताबिक, आईजी राकेश कुमार आर्य को गुरुग्राम और रोहतक जैसी हाई-प्रोफाइल यूनिट्स की जिम्मेदारी के साथ-साथ स्थापना और कल्याण (Welfare) विभाग की देखरेख का जिम्मा दिया गया है। वहीं, डीआईजी हामिद अख्तर को पंचकूला मुख्यालय के साथ-साथ हिसार, मधुबन और अंबाला की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हामिद अख्तर अब इंटरपोल और ड्रग्स सचिवालय से जुड़े अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय मामलों में भी प्रमुख भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा, डीआईजी वीरेंद्र विज को फरीदाबाद, पलवल और नूंह जैसे संवेदनशील बेल्ट की निगरानी का अहम टास्क मिला है।

एसपी स्तर के अफसरों का भी बदला प्रोफाइल

जिलेवार पर्यवेक्षण (Supervision) की बात करें तो एसपी सुनील कुमार अब मधुबन, हिसार और सिरसा जैसी यूनिट्स देखेंगे, जबकि एसपी राजेश कुमार को गुरुग्राम के साथ-साथ नकली मुद्रा और सीबीआई-इंटरपोल के साथ तालमेल बैठाने की अहम जिम्मेदारी मिली है। महिला सुरक्षा और आंतरिक शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एसपी पूजा डाबला को पंचकूला-यमुनानगर बेल्ट के साथ-साथ महिला शिकायत समिति का पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया है। एचपीएस अधिकारी अमित दहिया को रोहतक और झज्जर का प्रभार सौंपा गया है।

अनुभवी सलाहकारों का लिया जाएगा सहारा

इस फेरबदल की सबसे खास बात यह है कि विभाग ने अनुभव को तरजीह देते हुए रिटायर्ड विशेषज्ञों को भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में बनाए रखा है। राजिंद्र सिंह गंजियाल, ब्रिगेडियर संदीप सिंह कश्यप और रवि गंभीर जैसे अनुभवी अधिकारी सलाहकार के तौर पर विभिन्न यूनिट्स और डॉग स्क्वायड को गाइड करेंगे। माना जा रहा है कि इस पुनर्गठन से अपराध की गुत्थियां सुलझाने और पेंडिंग मामलों को निपटाने में तेजी आएगी।

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