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हरियाणा में आसमान से बरसेगी आग: 12 जून तक 'लू' का अलर्ट, मौसम विभाग ने कहा- अभी और चढ़ेगा पारा

Jun 09, 2026 10:03 AM

जून का महीना आधे सफर की ओर बढ़ रहा है, लेकिन हरियाणा के लोगों को फिलहाल जेठ जैसी तपिश से निजात मिलती नहीं दिख रही है। हिसार कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञानियों ने साफ कर दिया है कि अगले कुछ दिनों तक सूबे के नागरिकों को तीखी धूप और थपेड़े मारने वाली गर्म हवाओं से जूझना पड़ेगा। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, पाकिस्तान और थार मरुस्थल की ओर से आ रही दक्षिण-पश्चिमी गर्म हवाओं ने सूबे में डेरा डाल दिया है, जिसके चलते आने वाले चार-पांच दिनों में दिन का तापमान सामान्य से कई डिग्री ऊपर जा सकता है।

उमस और धूलभरी हवाओं का रहेगा जोर, बारिश की आस टूटी

कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के मुताबिक, 12 जून तक प्रदेश का वायुमंडल पूरी तरह शुष्क रहेगा। हालांकि, इस बीच स्थानीय स्तर पर बनने वाले मौसमी दबाव के कारण कुछ जिलों में आंशिक रूप से बादल दिखाई दे सकते हैं और धूलभरी आंधी भी चल सकती है।

लेकिन, जो लोग इस उमस और तपिश के बीच प्री-मानसून की बौछारों की उम्मीद लगाए बैठे हैं, उन्हें फिलहाल निराशा ही हाथ लगेगी। मौसम वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि बादलों की यह आवाजाही केवल एक स्थानीय बदलाव है, जिससे किसी प्रभावी बारिश की कोई संभावना नहीं बनती।

खेती-किसानी पर असर: इस भीषण गर्मी को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे इस शुष्क मौसम को ध्यान में रखते हुए अपनी फसलों और सब्जियों में हल्की व नियमित सिंचाई (Irrigation) सुनिश्चित करें, ताकि तेज धूप के कारण फसलों को नुकसान न पहुंचे। विशेषकर कपास्या (कॉटन) और चारे की फसलों की इस समय अतिरिक्त देखरेख की जरूरत है।

दोपहर को बाहर निकलने से बचें, रातें देंगी थोड़ी राहत

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने भी आम जनता को इस जानलेवा गर्मी से बचने के लिए एहतियात बरतने को कहा है। डॉक्टरों की सलाह है कि दोपहर 12 से 4 बजे के बीच, जब सूरज की किरणें सबसे तीखी होती हैं, बेवजह घरों से बाहर न निकलें। अगर निकलना जरूरी हो, तो सिर और चेहरे को सूती कपड़े से ढककर रखें और शरीर में पानी की कमी न होने दें।

राहत की बात बस इतनी है कि जहां दिन का पारा लोगों को बेहाल करेगा, वहीं रात के तापमान में कोई अप्रत्याशित उछाल देखने को नहीं मिलेगा। न्यूनतम तापमान सामान्य स्तर पर बने रहने के कारण रातें अपेक्षाकृत कम तकलीफदेह होंगी। बहरहाल, हरियाणा के लोगों को मानसून की कसमसाहट भरी दस्तक से पहले इस भीषण गर्मी की अग्निपरीक्षा से गुजरना ही होगा।

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