Haryana Weather Update: हरियाणा में 45 डिग्री पहुंचा पारा, 25 मई से शुरू हो रहे नौतपा में मौसम विभाग की बड़ी भविष्यवाणी
May 23, 2026 10:02 AM
हरियाणा। हरियाणा के मैदानी इलाकों में सूरज के तीखे तेवरों ने मई के महीने में ही जून जैसी तपिश का अहसास करा दिया है। राजस्थान के रेतीले इलाकों से आ रही शुष्क और बेहद गर्म पछुआ हवाओं ने पूरे सूबे को भट्टी बना दिया है। बीते दिन रोहतक में पारा सामान्य से चार डिग्री छलांग लगाकर 45 डिग्री सेल्सियस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जिससे यह राज्य का सबसे गर्म इलाका दर्ज हुआ। केवल दिन ही नहीं, बल्कि अब न्यूनतम तापमान के 28 डिग्री से ऊपर बने रहने के कारण रातें भी बुरी तरह तपने लगी हैं, जिससे लोगों को चौबीस घंटे चैन नहीं मिल रहा है।
सिरसा से गुरुग्राम तक थमा जनजीवन, दोपहर में कर्फ्यू जैसे हालात
प्रचंड लू का सबसे घातक असर दक्षिण और पश्चिमी हरियाणा के जिलों में देखा जा रहा है। सिरसा, हिसार, भिवानी, महेंद्रगढ़, गुरुग्राम और रेवाड़ी में सुबह दस बजते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। गर्म हवा के थपेड़ों और धूल भरी आंधी के कारण राहगीरों का निकलना दूभर हो गया है। आज भी मौसम विभाग ने पंचकूला, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, सोनीपत और जींद समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में 'सीवियर हीटवेव' का अलर्ट जारी किया है। डॉक्टरों ने साफ हिदायत दी है कि दोपहर के वक्त बहुत जरूरी होने पर ही सिर ढककर बाहर निकलें और शरीर में पानी की कमी न होने दें।
25 मई से शुरू हो रहा नौतपा, ज्योतिष और विज्ञान दोनों की नजरें
आने वाले दिनों में गर्मी की यह मार और ज्यादा गंभीर रूप अख्तियार करने वाली है। आगामी 25 मई से साल के सबसे गर्म नौ दिन यानी 'नौतपा' की शुरुआत हो रही है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के मुताबिक, इस अवधि में सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ती हैं, जिससे राजस्थान से सटकर बहने वाली गर्म हवाएं हरियाणा की हवा को पूरी तरह सुखा देंगी। आमतौर पर नौतपा के दौरान पारा अपने उच्चतम स्तर को छूता है, जिससे ग्रामीण इलाकों में पशु-पक्षियों से लेकर खेतों में खड़ी चारे की फसलों तक पर संकट मंडराने लगता है।
राहत की सटीक भविष्यवाणी: पश्चिमी विक्षोभ बिगाड़ेगा नौतपा का खेल
तपती धूप के बीच इस बार हरियाणा वासियों के लिए एक बहुत अच्छी और राहत भरी खबर भी सामने आई है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस साल नौतपा अपने पारंपरिक मिजाज की तरह पूरा नहीं तपा पाएगा। दरअसल, 28 मई और उसके तुरंत बाद 2 जून को उत्तर-पश्चिम भारत में एक के बाद एक, दो शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) दस्तक देने जा रहे हैं। इस नई मौसम प्रणाली के सक्रिय होते ही हवाओं का रुख बदलेगा, आसमान में बादलों का डेरा होगा और गरज-चमक के साथ धूल भरी आंधी व बूंदाबांदी की संभावना बनेगी। नौतपा के बीच में होने वाली यह मौसमी हलचल चढ़ते पारे पर ब्रेक लगाएगी और झुलसते हरियाणा को तगड़ी राहत देगी।