हरियाणा में बदला मौसम: हिसार से गुरुग्राम तक झमाझम बारिश, जानें अगले 48 घंटे का हाल
Apr 29, 2026 10:04 AM
हरियाणा। हरियाणा में सूरज के तीखे तेवरों के बीच मौसम ने जबरदस्त पलटी मारी है। पिछले कुछ दिनों से लू की मार झेल रहे प्रदेशवासियों के लिए मंगलवार की रात राहत भरी खबर लेकर आई। दिनभर की तपिश के बाद रात होते-होते सिरसा, हिसार, पलवल और सोनीपत समेत एनसीआर के इलाकों में धूल भरी आंधी के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। देखते ही देखते पारे में गिरावट दर्ज की गई और उमस भरी गर्मी से लोगों को निजात मिली।
दिल्ली-एनसीआर और दक्षिण हरियाणा में ऑरेंज अलर्ट
चंडीगढ़ मौसम विभाग (IMD) ने आज गुरुग्राम, सोहना, फरीदाबाद और रेवाड़ी जैसे इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आज दिनभर गन्नौर, समालखा, बहादुरगढ़ और नारनौल बेल्ट में गरज-चमक के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। महेंद्रगढ़ और कनीना के रेतीले इलाकों में आंधी का असर ज्यादा दिखने की संभावना है, जिससे विजिबिलिटी पर भी असर पड़ सकता है।
क्यों बदला अचानक मौसम का मिजाज?
वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि उत्तरी राजस्थान और पश्चिमी हरियाणा की सीमा पर एक चक्रवातीय परिसंचरण (Cyclonic Circulation) सक्रिय हुआ है। साथ ही बंगाल की खाड़ी से आने वाली पूर्वी हवाएं नमी लेकर उत्तर भारत की ओर बढ़ रही हैं। इन दोनों सिस्टम के मेल से 29 और 30 अप्रैल को पूरे प्रदेश में मानसून जैसी हलचल दिखेगी। मौसम विभाग की मानें तो मई के पहले हफ्ते तक पारा नियंत्रण में रहेगा और बीच-बीच में बादल बरसते रहेंगे।
ओलावृष्टि की आशंका, किसानों की बढ़ी चिंता
जहाँ आम आदमी के लिए यह बारिश सुकून लेकर आई है, वहीं किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। विभाग ने कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी आशंका जताई है। इसे देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने एडवाइजरी जारी की है कि किसान अभी खेतों में नई फसलों की बिजाई का काम रोक दें। साथ ही, तेज हवाओं के दौरान फसलों में सिंचाई और कीटनाशकों का प्रयोग न करने की हिदायत दी गई है।
पशुधन के बचाव की अपील
तेज आंधी और संभावित ओलावृष्टि को देखते हुए पशुपालकों को भी सतर्क रहने को कहा गया है। ग्रामीण इलाकों में किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने पशुओं को खुले आसमान के नीचे बांधने के बजाय शेड या पक्की छत के नीचे रखें। अचानक तापमान गिरने और फिर बढ़ने की स्थिति में पशुओं के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है, इसलिए उन्हें पर्याप्त पानी और ताजा चारा देने की सलाह दी गई है।