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Haryana Weather Update: हरियाणा के 9 जिलों में भारी बारिश और आंधी का यलो अलर्ट, जानें अपने शहर का हाल

Jun 19, 2026 12:37 PM

हरियाणा: भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे हरियाणा के लोगों के लिए राहत की खबर है. उत्तर-भारत में सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेश का मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है. मौसम विभाग ने आज और कल के लिए सूबे के 9 जिलों में आंधी-तूफान के साथ बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, नूंह और पलवल में तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है.

22 जून से एक और सिस्टम होगा एक्टिव

राहत का यह सिलसिला यहीं थमने वाला नहीं है. मौसम विभाग का अनुमान है कि 22 जून से अरब सागर और पहाड़ों की तरफ से आ रही हवाओं के कारण एक और तगड़ा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है. इस नए सिस्टम के असर से 22 और 23 जून को भी हरियाणा के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होगी. इस बदलाव से दक्षिण और पश्चिमी हरियाणा के तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को लू के थपेड़ों से निजात मिलेगी.

जून महीने में कोटे से ज्यादा बरसा पानी

चौंकाने वाली बात यह है कि इस बार जून के महीने में ही मानसून से पहले कोटे से ज्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 18 जून तक हरियाणा में 26.4 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि अमूमन इस दौरान सिर्फ 24.9 एमएम बारिश ही सामान्य मानी जाती है. यानी पूरे प्रदेश में अब तक सामान्य से 6 फीसदी ज्यादा वर्षा हो चुकी है. वहीं, अगर बीते एक हफ्ते (12 जून से 18 जून) की बात करें, तो सामान्य के मुकाबले करीब 50 प्रतिशत अधिक पानी बरसा है.

पलवल में 107% ज्यादा बारिश, अंबाला रहा सूखा

इस मानसूनी हलचल के बीच जिलों के आंकड़ों में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. इस सीजन पलवल जिले में सबसे ज्यादा बादल बरसे, जहां सामान्य से 107 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई. इसके अलावा फतेहाबाद और महेंद्रगढ़ में भी सामान्य से 92 प्रतिशत ज्यादा पानी गिरा है. इसके उलट, अंबाला और जीटी रोड बेल्ट के जिलों को इस बार मायूसी हाथ लगी है. अंबाला में सामान्य से बेहद कम यानी महज 16.2 एमएम बारिश हुई, जबकि वहां का कोटा 55.3 एमएम का था. यमुनानगर, कैथल, पंचकूला और रोहतक में भी इस बार सूखा जैसी स्थिति बनी हुई है.

साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पहाड़ों का असर

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि राजस्थान और पंजाब के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन (हवा का चक्रवात) बन रहा है. इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ तेजी से पहाड़ों की तरफ बढ़ रहा है. इन दोनों सिस्टम के आपस में टकराने की वजह से 23 जून तक पूरे प्रदेश में मौसम डांवाडोल रहेगा. हालांकि, पिछले 24 घंटों में सूबे के औसत अधिकतम तापमान में 1.6 डिग्री सेल्सियस का उछाल आया है, लेकिन आगामी बारिश इस चढ़ते पारे पर ब्रेक लगा देगी.

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