HBSE Result 2026: 2 अप्रैल से कॉपियों की जांच शुरू, जानें कब आएगा रिजल्ट
Mar 31, 2026 12:12 PM
भिवानी स्थित शिक्षा बोर्ड मुख्यालय से 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट की तैयारी तेज हो गई है। बोर्ड ने कॉपियों की जांच के लिए तय शेड्यूल जारी कर दिया है, जिसके तहत 2 अप्रैल से मूल्यांकन शुरू होगा। इस प्रक्रिया में हजारों शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है ताकि समय पर और निष्पक्ष परिणाम घोषित किए जा सकें।
इस साल परीक्षाएं 25 फरवरी से शुरू हुई थीं और 1 अप्रैल तक 12वीं तथा 20 मार्च तक 10वीं की परीक्षाएं खत्म हो चुकी हैं। अब पूरा फोकस कॉपियों की जांच और रिजल्ट तैयार करने पर है।
कितने शिक्षक और कितने केंद्र जुड़े
हरियाणा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. पवन कुमार के अनुसार, 10वीं की कॉपियों की जांच के लिए 6,969 शिक्षकों को लगाया गया है। यह प्रक्रिया 14 अप्रैल तक चलेगी।
वहीं 12वीं की कॉपियों की जांच 3 अप्रैल से शुरू होकर 28 अप्रैल तक 52 केंद्रों पर होगी, जिसमें करीब 5,009 परीक्षक शामिल होंगे। बोर्ड का लक्ष्य है कि मई के दूसरे हफ्ते तक 12वीं का रिजल्ट जारी कर दिया जाए, जबकि इसके बाद 10वीं के नतीजे घोषित होंगे।
जांच प्रक्रिया में क्या है खास बदलाव
इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया को ज्यादा सख्त और पारदर्शी बनाया गया है। पहले दिन हर परीक्षक 15 कॉपियां जांचेगा और उसके बाद रोजाना 30 कॉपियां जांचनी होंगी।
सबसे अहम बात यह है कि कुल जांची गई कॉपियों में से 10% कॉपियों की दोबारा रैंडम जांच मुख्य परीक्षक द्वारा की जाएगी। इसी तरह की मल्टी-लेयर जांच व्यवस्था हाल ही में उत्तर प्रदेश बोर्ड में भी लागू की गई है, जिससे गलतियों की संभावना कम होती है और छात्रों का भरोसा बढ़ता है।
रिजल्ट कब आएगा और कैसे मिलेगा
हरियाणा बोर्ड के अनुसार, 12वीं का रिजल्ट मई के दूसरे हफ्ते में जारी होने की संभावना है, जबकि 10वीं के नतीजे भी उसी महीने घोषित होंगे। छात्र अपना रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट पर रोल नंबर और जन्मतिथि के जरिए देख सकेंगे।
हर साल लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं और रिजल्ट उनके करियर की दिशा तय करता है, इसलिए बोर्ड इस बार किसी भी तरह की गलती से बचने पर विशेष ध्यान दे रहा है।
अब ऑन-स्क्रीन मार्किंग की तैयारी
हरियाणा बोर्ड आने वाले सत्र 2026-27 से ऑन-स्क्रीन मार्किंग लागू करने की तैयारी कर रहा है। इससे कॉपियों की डिजिटल जांच होगी, जिससे मार्किंग में पारदर्शिता बढ़ेगी और रिजल्ट पहले जारी किए जा सकेंगे।
डिजिटल मूल्यांकन से टोटलिंग की गलतियां कम होंगी और हर स्टेप की जांच आसान हो जाएगी, जिससे छात्रों को ज्यादा सटीक अंक मिलने की उम्मीद है।