हरियाणा ग्रुप सी भर्ती: हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को दी चेतावनी, वेटिंग लिस्ट पर मांगा जवाब
Apr 23, 2026 10:42 AM
हरियाणा। हरियाणा में ग्रुप सी की भर्ती प्रक्रिया अब उम्मीदवारों के लिए राहत के बजाय सिरदर्द बनती जा रही है। कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) लागू होने के बाद पहली बार हुई इस बड़ी भर्ती में वेटिंग लिस्ट जारी न करने के जिद पर अड़े हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) को हाईकोर्ट ने आईना दिखाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने मुख्य सचिव को चेतावनी दी है कि यदि इस बार संतोषजनक जवाब दाखिल नहीं किया गया, तो उनके जवाब देने के अधिकार को सीमित करने पर विचार किया जाएगा।
फाइलों में उलझा वेटिंग लिस्ट का रास्ता: आयोग और सरकार के बीच खींचतान
इस पूरे विवाद की जड़ में आयोग और सरकार के बीच का विरोधाभास है। पहले मानव संसाधन विभाग ने वेटिंग लिस्ट जारी करने का एक फॉर्मूला आयोग को सुझाया था, लेकिन आयोग ने उसे 'असंभव' बताकर लागू करने से हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद 7 जनवरी 2026 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई एक अहम बैठक में वेटिंग लिस्ट जारी न करने का ही फैसला ले लिया गया। आयोग ने इसी बैठक को ढाल बनाकर 'स्पीकिंग ऑर्डर' जारी किए और उम्मीदवारों की मांगों को खारिज कर दिया। अब हाईकोर्ट इसी 'गुप्त' फैसले के आधार और तर्क पर जवाब मांग रहा है।
हजारों अभ्यर्थियों की उम्मीदों पर तुषारापात, बढ़ रहा आर्थिक बोझ
आयोग के इस फैसले ने उन हजारों युवाओं को मझधार में छोड़ दिया है जो मेरिट के बेहद करीब थे और वेटिंग लिस्ट के जरिए सरकारी नौकरी की उम्मीद लगाए बैठे थे। अभ्यर्थियों का तर्क है कि जब मुख्य सचिव कार्यालय एक बार तरीका बता चुका है, तो आयोग इसे लागू करने से क्यों भाग रहा है? न्याय की गुहार लगाने के लिए युवाओं को बार-बार अदालत के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, जिससे उन पर मानसिक और आर्थिक, दोनों तरह का दबाव बढ़ रहा है।
हाईकोर्ट का रुख सख्त: "अब बहानेबाजी नहीं चलेगी"
अदालत में एचएसएससी का स्टैंड केवल इतना है कि वेटिंग लिस्ट बनाना तकनीकी रूप से मुमकिन नहीं है। हालांकि, कोर्ट इस दलील से संतुष्ट नजर नहीं आ रहा है। मामले की अगली सुनवाई तक मुख्य सचिव को यह स्पष्ट करना होगा कि आखिर किन परिस्थितियों में वेटिंग लिस्ट को ठंडे बस्ते में डाला गया। जानकारों का कहना है कि यदि सरकार ने ठोस तर्क पेश नहीं किए, तो कोर्ट उम्मीदवारों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए आयोग को सूची जारी करने का आदेश दे सकता है।