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दिल्ली वालों की मौज: मोदी मिल और सावित्री सिनेमा पर बनेंगे 2 नए फ्लाईओवर, जाम से मिलेगा छुटकारा

Apr 23, 2026 11:52 AM

दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सड़कों पर रेंगते ट्रैफिक को रफ्तार देने के लिए केजरीवाल सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। दक्षिणी दिल्ली के सबसे व्यस्ततम इलाकों में शुमार नेहरू प्लेस और कालकाजी कॉरिडोर पर अब जाम गुजरे जमाने की बात हो जाएगी। लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री प्रवेश वर्मा ने जानकारी दी है कि जाम की जकड़न को खत्म करने के लिए दो नए फ्लाईओवरों के निर्माण का खाका तैयार कर टेंडर जारी कर दिए गए हैं। इस परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद ओखला और कालकाजी के बीच वाहन चालक फर्राटा भर सकेंगे।

मोदी मिल और सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर का होगा कायाकल्प

योजना के मुताबिक, मोदी मिल फ्लाईओवर से आईएमटी (IMT) गेट तक बनने वाले नए फ्लाईओवर के दोनों ओर तीन-तीन लेन की सड़कें बनाई जाएंगी। कालकाजी मंदिर से मोदी मिल की ओर जाने वाली सड़क पर 1140 मीटर लंबा थ्री-लेन कैरिज-वे तैयार होगा, जबकि विपरीत दिशा में 870 मीटर लंबा कैरिज-वे बनेगा। इसके अलावा, सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर की क्षमता को दोगुना करने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान में यहाँ केवल एक दिशा में फ्लाईओवर है, लेकिन अब दूसरी दिशा में भी निर्माण होने से रिंग रोड और आसपास की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो जाएगा।

महरौली-बदरपुर रोड पर खत्म होगा 'ट्रैफिक टॉर्चर'

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इस पूरी परियोजना को अगले ढाई साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल महरौली-बदरपुर रोड और कालकाजी के पास वाहनों का दबाव इतना अधिक है कि सुबह और शाम के वक्त आधा किलोमीटर का सफर तय करने में 30 से 40 मिनट लग जाते हैं। नया फ्लाईओवर बनने से यह सफर चंद मिनटों का रह जाएगा। इससे न केवल समय और ईंधन की बचत होगी, बल्कि वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने में भी मदद मिलेगी।

इन पॉश कॉलोनियों को मिलेगा सीधा फायदा

फ्लाईओवर निर्माण का सबसे बड़ा फायदा नेहरू प्लेस, ग्रेटर कैलाश (GK), कालकाजी, चितरंजन पार्क और ओखला की आबादी को मिलेगा। ये सड़कें न केवल इन कॉलोनियों को जोड़ती हैं, बल्कि बाहरी रिंग रोड और कैप्टन गौड़ मार्ग पर पड़ने वाले ट्रैफिक के भारी बोझ को भी कम करेंगी। पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के पूरा होते ही ग्रेटर कैलाश-2 और आसपास के चौराहों पर लगने वाले ट्रैफिक सिग्नल से मुक्ति मिल जाएगी, जिससे यह पूरा कॉरिडोर 'हसल फ्री' जोन में बदल जाएगा।

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