MDU रोहतक का बड़ा ऐलान: अधूरी डिग्री पूरी करने के लिए मिला 'मर्सी चांस', जानें कैसे करें आवेदन
Apr 23, 2026 10:56 AM
रोहतक। रोहतक की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (MDU) ने उन पूर्व छात्रों के लिए अपनी बाहें खोल दी हैं, जो निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए थे। कुलपति प्रो. मिलाप पूनिया ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए 'विशेष अवसर' यानी मर्सी चांस की घोषणा की है। इस फैसले का सीधा फायदा उन हजारों छात्र-छात्राओं को मिलेगा जो एक या दो विषयों में फेल होने के कारण अपनी डिग्री हासिल करने से चूक गए थे। यूनिवर्सिटी प्रशासन के मुताबिक, यह कदम विद्यार्थियों के करियर में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए उठाया गया है।
2001 के बाद वाले छात्र होंगे पात्र, अगस्त में हो सकती हैं परीक्षाएं
यूनिवर्सिटी द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, इस विशेष अवसर का लाभ वे सभी विद्यार्थी उठा सकते हैं जो साल 2001 के बाद एमडीयू में पंजीकृत हुए थे। परीक्षा नियंत्रक प्रो. राहुल ऋषि ने स्पष्ट किया कि आवेदन की प्रक्रिया 15 मई से शुरू होकर 5 जून 2026 तक चलेगी। खास बात यह है कि यह परीक्षाएं अगस्त 2026 में आयोजित की जा सकती हैं। हालांकि, सभी परीक्षाएं केवल यूनिवर्सिटी कैंपस में ही ऑफलाइन मोड में ली जाएंगी। प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि अगर कोई मामला साल 2001 से भी पुराना है, तो कुलपति द्वारा गठित विशेष समिति उस पर अलग से विचार कर सकती है।
अंकों में सुधार की भी सुविधा, जानें कितना होगा शुल्क
यह मर्सी चांस न केवल उन छात्रों के लिए है जो फेल हो गए थे, बल्कि उन विद्यार्थियों के लिए भी एक वरदान है जो अपने अंकों में सुधार (Division Improvement) करना चाहते हैं। यूनिवर्सिटी ने इसके लिए अलग-अलग शुल्क श्रेणियां निर्धारित की हैं। बीए, बीएससी, एमए और एमफिल जैसे सामान्य पाठ्यक्रमों के लिए पहली बार मर्सी चांस लेने पर 15 हजार रुपये फीस देनी होगी। वहीं, प्रोफेशनल कोर्स जैसे बीटेक, एमबीए, एलएलबी और बी-फार्मेसी के लिए यह शुल्क 20 हजार रुपये से शुरू होकर 27 हजार रुपये तक तय किया गया है।
आवेदन से पहले नियमों को समझना जरूरी
यूनिवर्सिटी ने छात्रों को आगाह किया है कि वे आवेदन करने से पहले अपनी पात्रता (Eligibility) की बारीकी से जांच कर लें। यदि कोई छात्र नियमों के दायरे में नहीं आता और फिर भी आवेदन कर देता है, तो उसकी फीस वापस नहीं की जाएगी। एमडीयू के इस फैसले से रोहतक ही नहीं, बल्कि सोनीपत, झज्जर और गुरुग्राम सहित कई जिलों के उन छात्रों में खुशी की लहर है, जो सालों से अपनी डिग्री पूरी होने का इंतजार कर रहे थे।