Chandigarh News: चंडीगढ़ में मुठभेड़ में वांछित आरोपी ‘गुल्लू’ काबू, पैर में गोली लगने के बाद दबोचा
Apr 23, 2026 10:42 AM
चंडीगढ़: ऑपरेशन सेल की कार्रवाई के दौरान बुधवार सुबह एक अहम घटनाक्रम सामने आया, जब गैंगस्टरों तक अवैध हथियारों की सप्लाई रोकने के प्रयासों के बीच पुलिस ने मुठभेड़ के बाद एक वांछित आरोपी (पीओ) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान मुकेश उर्फ गुल्लू के रूप में हुई है, जो पहले से ही आर्म्स एक्ट के मामलों में वांछित चल रहा था। पुलिस के अनुसार, उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि मुकेश अपनी बहन के घर सेक्टर-25 क्षेत्र में आने वाला है। इस इनपुट पर त्वरित कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन सेल की टीम ने इलाके में घेराबंदी कर दी और संदिग्ध की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी। कुछ ही समय बाद पुलिस ने आरोपी को रैली ग्राउंड के पास ट्रैक कर लिया।
जैसे ही पुलिस टीम ने उसे घेरने की कोशिश की, आरोपी ने मौके से भागने का प्रयास किया। पीछा किए जाने पर उसने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे मौके पर ही काबू कर लिया। घायल आरोपी को तुरंत सेक्टर-16 स्थित सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। मुठभेड़ के दौरान उसके कब्जे से .32 बोर की पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इस संबंध में उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत एक और मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मुकेश उर्फ गुल्लू मौलीजागरां थाने में दर्ज आर्म्स एक्ट के एक मामले में वांछित था। इसके अलावा वह थाना मलोया के एक अन्य मामले में घोषित अपराधी (पीओ) भी था। लंबे समय से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी और उसकी गिरफ्तारी को एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। गौरतलब है कि चंडीगढ़ पुलिस के लिए यह इस वर्ष का दूसरा एनकाउंटर है। इससे पहले जनवरी में सेक्टर-32 स्थित सेवक फार्मेसी के मालिक को निशाना बनाकर की गई फायरिंग के मामले में दो आरोपियों को सेक्टर-39 ग्रेन मार्केट के पास मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था। उस दौरान भी दोनों आरोपियों—राहुल और रॉकी—के पैर में गोली लगी थी और उन्हें घायल अवस्था में काबू किया गया था।
खास बात यह है कि दोनों ही मामलों में पुलिस ने तड़के सुबह कार्रवाई करते हुए सक्रियता दिखाई और मुठभेड़ के बाद आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। बुधवार की कार्रवाई को भी इसी कड़ी में एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है, जिससे अवैध हथियारों की सप्लाई चेन और अपराधियों के नेटवर्क पर असर पड़ने की संभावना है।