हरियाणा ने रचा इतिहास: जींद-सोनीपत ट्रैक पर सफल हुआ देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल
Apr 29, 2026 10:26 AM
हरियाणा। भारतीय रेलवे के इतिहास में मंगलवार का दिन एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। हरियाणा के जींद जिले से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का आधिकारिक ट्रायल सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह ट्रेन अब जल्द ही सोनीपत और जींद के बीच पटरियों पर दौड़ती नजर आएगी। मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त (CCRS) जनक कुमार गर्ग की मौजूदगी में इस अत्याधुनिक ट्रेन ने अपनी पहली परीक्षा पास की, जिसमें सुरक्षा और तकनीक के हर पैमाने को बारीकी से परखा गया।
80 की रफ्तार और सुरक्षा का कड़ा पहरा
ट्रायल की शुरुआत मंगलवार दोपहर करीब 2:35 बजे जींद जंक्शन से हुई। ट्रेन को 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सोनीपत की ओर रवाना किया गया। दोपहर 2:57 बजे ट्रेन पांडू पिंडारा स्टेशन पहुंची, जहाँ 14 मिनट के ठहराव के बाद इसे आगे के लिए हरी झंडी दिखाई गई। शाम लगभग 5:00 बजे जब ट्रेन सोनीपत स्टेशन पहुंची, तो रेलवे अधिकारियों के चेहरों पर संतोष की लहर थी। इस दौरान ट्रेन के ब्रेकिंग सिस्टम, इंजन की कार्यक्षमता और सबसे महत्वपूर्ण 'हाइड्रोजन फ्यूल सिस्टम' का बारीकी से विश्लेषण किया गया।
हाइड्रोजन प्लांट की हुई 'अग्निपरीक्षा'
ट्रायल से पहले सीसीआरएस जनक कुमार गर्ग सुबह करीब 11:45 बजे जींद जंक्शन पहुंचे थे। उन्होंने दो घंटे से अधिक समय तक नवनिर्मित हाइड्रोजन प्लांट का निरीक्षण किया। गैस स्टोरेज, फ्यूलिंग सिस्टम और सुरक्षा मानकों की जांच के बाद ही ट्रायल को मंजूरी दी गई। रेलवे सूत्रों के मुताबिक, प्लांट की तकनीकी व्यवस्थाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पाई गई हैं। इस दौरान डीआरएम और एडीआरएम समेत दिल्ली से आई विशेष टीम ने हाइड्रोजन सेल के बिजली उत्पादन की प्रक्रिया को भी समझा।
क्यों खास है यह हाइड्रोजन ट्रेन?
यह ट्रेन भारतीय रेलवे के 'नेट जीरो कार्बन एमिशन' के लक्ष्य की दिशा में सबसे बड़ा कदम है। डीजल इंजन के विपरीत, हाइड्रोजन ट्रेन न तो धुआं छोड़ती है और न ही शोर करती है। इसके चलने से केवल पानी और भाप का उत्सर्जन होता है, जो पर्यावरण के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। हरियाणा इस तकनीक को अपनाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है, जो न केवल रेलवे बल्कि प्रदेश के बुनियादी ढांचे के लिए भी एक गर्व का विषय है।
अब केवल औपचारिक उद्घाटन की देरी
सीसीआरएस की मंजूरी मिलने के बाद अब इस प्रोजेक्ट के लिए सभी तकनीकी बाधाएं दूर हो गई हैं। रेलवे बोर्ड अब इसके औपचारिक उद्घाटन की तारीख तय करेगा। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही इस 'ग्रीन ट्रेन' को राष्ट्र को समर्पित कर सकते हैं। ट्रायल की सफलता के बाद दिल्ली से आई टीम अपने स्पेशल यान से रवाना हो गई, लेकिन जींद और सोनीपत के यात्रियों के लिए यह एक नए युग की शुरुआत का संकेत दे गई है।