हरियाणा की बेटियों का ऐतिहासिक दंगल, पहली बार भारत ने जीती अंडर-23 एशियन कुश्ती ट्रॉफी
May 26, 2026 11:04 AM
चंडीगढ़। वियतनाम का दा नांग शहर भारतीय खेल इतिहास, विशेषकर कुश्ती के एक बड़े अध्याय का गवाह बना है। अंडर-23 सीनियर एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप 2026 में भारतीय महिला कुश्ती टीम ने वो कर दिखाया जो इससे पहले कभी नहीं हुआ था। भारत ने पहली बार इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में ओवरऑल टीम चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम की है। मैट पर उतरे भारतीय लड़ाकों के इस दबदबे के पीछे पूरी तरह से हरियाणा की 'माटी' का कौशल नजर आया। सूबे की सात बेटियों और ग्रीको-रोमन के जांबाजों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर विरोधी पहलवानों को चित करते हुए देश का तिरंगा सबसे ऊपर लहरा दिया। इस ऐतिहासिक जीत के बाद से ही पूरे हरियाणा के खेल गलियारों और अखाड़ों में जश्न का माहौल है।
दंगल में बेटियों का दम: 5 गोल्ड और 2 सिल्वर पर जमाया कब्जा
महिला फ्री-स्टाइल कुश्ती में हरियाणा की बेटियों ने विपक्षी खेल प्रेमियों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। अलग-अलग भार वर्ग में सूबे की बेटियों ने देश को पदक दिलाए:
स्वर्ण पदक विजेता: रोहतक की मुस्कान ने अपनी चपलता दिखाते हुए 53 किलो वर्ग में सोना जीता। झज्जर की तपस्या ने 57 किलो, जींद की मानसी ने 68 किलो और सोनीपत की काजल ने 76 किलो भार वर्ग में देश को स्वर्णिम सफलता दिलाई। इनके अलावा जींद की ही पुलकित ने भी अपने भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर दबदबा कायम रखा।
रजत पदक विजेता: चरखी दादरी की नेहा ने 59 किलोग्राम और हिसार की स्वीटी ने 50 किलोग्राम वर्ग में बेहद करीबी मुकाबले के बाद देश के खाते में रजत पदक जोड़े।
ग्रीको-रोमन में सुमित का 'सोना', लड़कों ने कुल जीते 7 पदक
आमतौर पर फ्री-स्टाइल के मुकाबले ग्रीको-रोमन शैली में भारतीय पहलवानों को कठिन चुनौती मिलती है, लेकिन इस बार अंडर-23 चैंपियनशिप में कहानी बिल्कुल उलट रही। भारतीय ग्रीको-रोमन टीम ने कुल 8 पदक जीते, जिनमें से 7 पदक अकेले हरियाणा के छोरों के नाम रहे।
इस वर्ग में सोनीपत के सुमित ने 63 किलोग्राम वर्ग में अपने आक्रामक खेल के बदौलत स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। वहीं, रोहतक के सूरज ने 60 किलोग्राम और पानीपत के सागर सिंह ने 67 किलोग्राम वर्ग में कड़े मुकाबले के बाद देश को रजत पदक दिलाया।
कांस्य पदकों की भी रही भरमार; खेल विशेषज्ञों ने थपथपाई पीठ
देश को ब्रॉन्ज (कांस्य) पदक दिलाने वालों में भी हरियाणा के युवाओं का ही बोलबाला रहा। हिसार के सचिन ने 77 किलोग्राम, रोहतक के रोहित बूरा ने 87 किलोग्राम, हिसार के रोहित ने 97 किलोग्राम और झज्जर के हरदीप ने 130 किलोग्राम हैवीवेट श्रेणी में दमदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीते। इसके अलावा 72 किलो वर्ग में विनीत और 82 किलो वर्ग में अमित गोपे ने भी मैट पर उतरकर भारतीय चुनौती की अगुवाई की।
खेल विश्लेषकों की राय: "यह चैंपियनशिप साबित करती है कि हरियाणा का कुश्ती इंफ्रास्ट्रक्चर और वहां के अखाड़ों की मिट्टी आज भी देश की सबसे बड़ी खेल नर्सरी है। सबसे सुखद पहलू यह है कि पुरुष फ्री-स्टाइल के अलावा अब हमारी बेटियां और ग्रीको-रोमन के पहलवान भी एशिया स्तर पर बादशाहत कायम कर रहे हैं, जो आने वाले ओलंपिक और वैश्विक खेलों के लिए बेहद शुभ संकेत है।"