हरियाणा में हार्ट अटैक का तांडव: कुमारी सैलजा ने उठाए सवाल, 18 हजार मौतों पर माँगा जवाब
Mar 21, 2026 3:31 PM
हरियाणा। हरियाणा में पिछले कुछ वर्षों से युवाओं की अचानक हो रही मौतों ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। सिरसा की सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने इस गंभीर मुद्दे पर राज्य की नायब सैनी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सैलजा ने कड़े शब्दों में कहा कि वर्ष 2020 से लेकर जनवरी 2026 तक प्रदेश में 17,973 लोगों का हृदयाघात (हार्ट अटैक) से जान गंवाना कोई सामान्य स्वास्थ्य समस्या नहीं, बल्कि एक गहराता हुआ 'पब्लिक हेल्थ क्राइसिस' है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आखिर इतनी बड़ी तादाद में हो रही मौतों पर प्रशासन मौन क्यों है?
18 से 45 साल के युवाओं की मौतें चिंताजनक, वैज्ञानिक जांच की दरकार
कुमारी सैलजा ने विशेष रूप से 18 से 45 वर्ष के युवाओं में बढ़ते हार्ट अटैक के मामलों को 'खतरे की घंटी' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास इस संकट से निपटने के लिए न तो कोई ठोस कार्ययोजना है और न ही कोई स्पष्ट नीति। सैलजा ने मांग की कि सरकार को तुरंत एक विस्तृत और निष्पक्ष वैज्ञानिक जांच करानी चाहिए। उन्होंने कहा, "जनता के मन में कोविड-19 संक्रमण और उसके बाद हुए टीकाकरण को लेकर कई तरह के संदेह और सवाल हैं। सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इन शंकाओं को वैज्ञानिक तथ्यों के साथ दूर करे और रिपोर्ट सार्वजनिक करे।"
स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली और जागरूकता का अभाव
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि केवल आंकड़े गिनाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि धरातल पर सुविधाओं को सुदृढ़ करना होगा। उन्होंने मांग की कि हरियाणा के हर जिला अस्पताल में उन्नत हृदय जांच सुविधाएं और वेंटिलेटर युक्त एम्बुलेंस सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध होनी चाहिए। सैलजा के अनुसार, ग्रामीण अंचलों में जागरूकता का भारी अभाव है, जिसके कारण लोग हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षणों को पहचान नहीं पाते और समय पर इलाज न मिलने के कारण दम तोड़ देते हैं। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि इस दिशा में तुरंत पारदर्शी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में स्थिति और अधिक भयावह हो सकती है।
जवाबदेही से भाग रही सरकार: सैलजा का सीधा हमला
चंडीगढ़ में पत्रकारों से रूबरू होते हुए सैलजा ने कहा कि जनता को अपने जीवन की सुरक्षा के बारे में जानने का पूरा अधिकार है। सरकार को अपनी जवाबदेही निभाते हुए एक व्यापक जागरूकता अभियान छेड़ना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार बड़े-बड़े आयोजनों में व्यस्त है, जबकि प्रदेश का युवा अपनी जान गंवा रहा है। सैलजा ने जोर देकर कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति से ऊपर उठकर काम करने की जरूरत है, ताकि हरियाणा के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।