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Mahendragarh Bus Accident: महेंद्रगढ़ में खड़े ट्रक से टकराई टूरिस्ट वॉल्वो बस, ड्राइवर-कंडक्टर की मौत, 16 घायल

Jun 12, 2026 11:20 AM

नारनौल। (सोनल यादव) हरियाणा के महेंद्रगढ़ में नेशनल हाईवे 152-डी पर शुक्रवार सुबह तड़के एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। हिमाचल प्रदेश के मनाली से करीब 40 पर्यटकों को लेकर जयपुर लौट रही एक लग्जरी वॉल्वो बस बुचावास कट के पास सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से पीछे से टकरा गई। ट्रक में लोहे के भारी-भरकम एंगल लोड थे, जो टक्कर लगते ही बस की बॉडी को चीरते हुए अंदर तक घुस गए। इस वीभत्स दुर्घटना में बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि चीख-पुकार के बीच 16 यात्रियों को लहूलुहान हालत में बाहर निकाला गया।

ड्राइविंग सीट की तरफ से बस के अंदर तक घुसा लोहा

चश्मदीदों के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे जब अधिकतर यात्री गहरी नींद में थे, तभी बुचावास कट के पास यह जोरदार टक्कर हुई। टक्कर इतनी भयानक थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया और ड्राइवर साइड की सीटें मलबे में तब्दील हो गईं। कई पर्यटक अपनी सीटों से उछलकर आगे आ गिरे। हादसे के तुरंत बाद पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों ने बस की खिड़कियां तोड़कर भीतर फंसे पर्यटकों को बाहर निकाला और एम्बुलेंस के जरिए महेंद्रगढ़ के सिविल अस्पताल पहुंचाया।

"ड्राइवर को नींद आ रही थी, कंडक्टर चला रहा था बस"

हादसे में घायल हुई जयपुर की यात्री यशस्विनी मिश्रा ने अस्पताल में बताया कि वह चंडीगढ़ से जयपुर अपने घर लौट रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि ड्राइवर को लगातार नींद की झपकियां आ रही थीं, जिसके बाद बस की कमान कंडक्टर ने संभाल ली थी और इसके कुछ ही देर बाद यह हादसा हो गया। यशस्विनी ने व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हादसे के बाद कुछ लोग मदद करने के बजाय अपने मोबाइल से वीडियो बनाने में व्यस्त थे और पुलिस व एम्बुलेंस को भी मौके पर पहुंचने में करीब एक घंटा लग गया।

अस्पताल में 11 यात्रियों की हालत नाजुक, मृतकों की हुई पहचान

इस हादसे में जान गंवाने वाले दोनों मृतक जयपुर के ही रहने वाले थे, जिनकी पहचान 30 वर्षीय ड्राइवर सोमवीर (निवासी विजयनगर) और 31 वर्षीय कंडक्टर दिलखुश के रूप में हुई है। वहीं सिविल अस्पताल के क्रिटिकल केयर यूनिट में भर्ती 16 घायलों में से 11 की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। घायलों में अधिकांश लोग जयपुर और राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों के रहने वाले हैं, जिनमें नलिन जैन, प्रतीक, सुरेंद्र, सुभाष चंद्र, आशीष, यशस्वी, वसीम अख्तर, अभिमन्यु, आशुतोष, अविनाश, गौरव, प्रियंका, प्राची के अलावा चंडीगढ़ के सोहन और पांवटा की खुशी शामिल हैं।

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