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पलवल में डायल-112 पुलिसकर्मी पर गुंडागर्दी का आरोप: ड्राइवर से छीना मोबाइल, गालियों का वीडियो वायरल

Apr 29, 2026 2:36 PM

हरियाणा। हरियाणा के पलवल में खाकी एक बार फिर विवादों के घेरे में है। कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (KGP) एक्सप्रेस-वे पर तैनात डायल-112 के एक हेड कांस्टेबल पर एमपी से आए टैक्सी ड्राइवर के साथ गुंडागर्दी और गाली-गलौज करने के गंभीर आरोप लगे हैं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिसकर्मी और ड्राइवर के बीच सरेराह तीखी नोकझोंक होती दिखाई दे रही है। बीच सड़क पर हुए इस हंगामे के चलते चार धाम की यात्रा पर निकले श्रद्धालु भी सहम गए।

चार धाम की यात्रा और रास्ते में 'खाकी' का पहरा

एमपी के बड़वानी निवासी शरद पाटिल 14 श्रद्धालुओं को लेकर टेम्पो ट्रैवलर से चार धाम की यात्रा पर निकले थे। मथुरा-वृंदावन के दर्शन कर जब वे एक्सप्रेस-वे के रास्ते आगे बढ़ रहे थे, तभी छाज्जूनगर टोल के पास डायल-112 की गाड़ी ने उन्हें रुकने का इशारा किया। ड्राइवर शरद का दावा है कि गाड़ी में 8 महिलाएं और 6 पुरुष सवार थे और उनके पास टैक्सी के सभी वैध कागजात मौजूद थे। आरोप है कि हेड कांस्टेबल शकील ने गाड़ी के ऊपर रखे सामान (लगेज) का हवाला देते हुए चालान काटने की धमकी दी।

गाली-गलौज और मोबाइल छीनने पर बढ़ा विवाद

वायरल वीडियो और ड्राइवर के बयानों के मुताबिक, जब उसने बेवजह चालान काटने का विरोध किया, तो हेड कांस्टेबल शकील आपा खो बैठा। ड्राइवर का आरोप है कि पुलिसकर्मी ने न केवल उसे भद्दी गालियां दीं, बल्कि उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया। वीडियो में सुना जा सकता है कि बातचीत के दौरान अचानक पुलिसकर्मी तैश में आकर अभद्र भाषा का प्रयोग करता है। ड्राइवर के गुस्से और सवारियों के दखल के बाद माहौल बिगड़ता देख पुलिसकर्मी अपनी सरकारी गाड़ी लेकर मौके से रफूचक्कर हो गया।

पुलिसकर्मी का पक्ष: 'बीच सड़क गाड़ी खड़ी थी'

दूसरी ओर, आरोपी हेड कांस्टेबल शकील ने अपनी सफाई में इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। शकील का कहना है कि टेम्पो ट्रैवलर टोल बूथ से पहले सड़क के बीचों-बीच खड़ी थी, जिससे यातायात बाधित हो रहा था। उन्होंने केवल गाड़ी साइड में लगाने को कहा था, जिस पर ड्राइवर ने विवाद करना और वीडियो बनाना शुरू कर दिया। मोबाइल छीनने के आरोप पर उन्होंने कहा कि बहस के दौरान गलती से उनका हाथ मोबाइल पर लग गया था, जिसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।

जांच के घेरे में मामला

पलवल पुलिस के प्रवक्ता संजय ने बताया कि फिलहाल विभाग को इस संबंध में कोई औपचारिक लिखित शिकायत नहीं मिली है। हालांकि, डीएसपी हेडक्वार्टर ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की बात कही है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि पलवल पुलिस जनता की सेवा के लिए है और यदि जांच में कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, यह घटना एक्सप्रेस-वे पर सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा और पुलिस के व्यवहार पर बड़े सवाल खड़े कर रही है।

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