विधानसभा चुनाव: पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान में 1 बजे तक 61.11% वोटिंग, कई जिलों में तनाव और नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप
Apr 29, 2026 2:25 PM
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में 142 विधानसभा सीटों पर दूसरे और अंतिम चरण के मतदान में अपराह्न एक बजे तक 61.11 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और कोलकाता, हावड़ा, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, नदिया, हुगली और पूर्व बर्धमान जिलों में मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। इस चरण में बड़ी संख्या में महिला मतदाताओं की भागीदारी भी दर्ज की गई, जिससे चुनावी उत्साह स्पष्ट नजर आया।
मतदान प्रतिशत और जिलावार स्थिति
निर्वाचन आयोग के अनुसार दोपहर एक बजे तक राज्य में कुल 61.11 प्रतिशत मतदान हुआ। इससे पहले सुबह 11 बजे तक पूर्व बर्धमान में 44.50 प्रतिशत, हुगली में 43.12 प्रतिशत और नदिया में 40.34 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। हावड़ा में 39.45 प्रतिशत, उत्तर 24 परगना में 38.43 प्रतिशत, कोलकाता उत्तर में 38.39 प्रतिशत और कोलकाता दक्षिण में 36.78 प्रतिशत मतदान हुआ। दक्षिण 24 परगना में 37.9 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई।
भवानीपुर में सियासी टकराव से बढ़ा तनाव
कोलकाता के भवानीपुर सीट पर उस समय तनाव बढ़ गया जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी एक ही बूथ क्षेत्र में पहुंच गए। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए, जिससे यह सीट पूरे दिन चर्चा का केंद्र बनी रही। यह टकराव 2021 के नंदीग्राम मुकाबले की याद दिलाता है, जहां दोनों नेताओं के बीच कड़ा चुनावी संघर्ष हुआ था।
मतदाताओं की बड़ी भागीदारी
इस चरण में कुल मतदाताओं में 1.57 करोड़ महिलाएं शामिल हैं, जबकि 792 ट्रांसजेंडर मतदाता भी वोटिंग प्रक्रिया का हिस्सा बने। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लोगों की भीड़ देखी गई, जो चुनाव में व्यापक भागीदारी का संकेत देती है।
हिंसा और गड़बड़ी की घटनाएं
राज्य के कई जिलों से हिंसा और तनाव की खबरें सामने आईं। नदिया के छपरा में भाजपा के एक पोलिंग एजेंट पर हमले का आरोप लगा, जबकि शांतिपुर में एक पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की घटना हुई। दक्षिण 24 परगना के भांगर में आईएसएफ ने अपने एजेंटों को बूथ में प्रवेश से रोकने का आरोप लगाया।
EVM खराबी और सुरक्षा बलों की कार्रवाई
हावड़ा के बाली क्षेत्र में ईवीएम खराब होने से मतदान में देरी हुई, जिससे तनाव पैदा हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। आमडांगा में भीड़ को हटाने के लिए पुलिस और आरएएफ को कार्रवाई करनी पड़ी।
नेताओं के आरोप-प्रत्यारोप
ममता बनर्जी ने भाजपा पर केंद्रीय बलों और चुनाव अधिकारियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। वहीं शुभेंदु अधिकारी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक हताशा बताया। दोनों नेताओं के बयानों से चुनावी माहौल और गर्म हो गया है।
अन्य क्षेत्रों में भी तनावपूर्ण घटनाएं
पानीहाटी में भाजपा उम्मीदवार रत्ना देबनाथ को विरोध का सामना करना पड़ा, जबकि जगदल में मतदान केंद्र के पास हथियार मिलने से हड़कंप मच गया। बसंती में भाजपा उम्मीदवार विकास सरदार ने अपनी कार पर हमले का आरोप लगाया। इन घटनाओं ने चुनावी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं।