अब ऑनलाइन बिकेगी उत्तराखंड की लकड़ी: मुख्यमंत्री धामी ने लॉन्च किया 'हिमकाष्ठ' मोबाइल ऐप
Apr 29, 2026 4:32 PM
उत्तराखंड। देवभूमि की प्राकृतिक संपदा और आर्थिक उन्नति के बीच सेतु का काम कर रहे उत्तराखंड वन विकास निगम ने अपनी स्थापना के 25 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिए हैं। बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित 'रजत जयंती समारोह' के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निगम की उपलब्धियों को सराहा और भविष्य के लिए एक नया रोडमैप पेश किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार 'इकोनॉमी, इकोलॉजी और टेक्नोलॉजी' के त्रिकोण पर काम कर रही है, ताकि विकास की दौड़ में पर्यावरण पीछे न छूट जाए।
कुमाऊं को मिला नया ठिकाना, डिजिटल हुई लकड़ी की बिक्री
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कुमाऊं मंडल के लोगों और वन संपदा प्रबंधन के लिए एक बड़ी घोषणा करते हुए वहां निगम का कार्यालय खोलने का एलान किया। इसके साथ ही, डिजिटल इंडिया की दिशा में कदम बढ़ाते हुए “हिमकाष्ठ” मोबाइल एप्लीकेशन का लोकार्पण किया गया। अब वन विकास निगम से लकड़ी की खरीद-बिक्री और ई-नीलामी की प्रक्रिया उंगलियों पर होगी, जिससे 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को मजबूती मिलेगी।
मौन पालन और नवाचार पर जोर
मुख्यमंत्री ने वनों को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में अधिकारियों को निर्देश दिए कि वन क्षेत्रों में बी-बॉक्स (मधुमक्खी पालन) स्थापित करने का प्रस्ताव जल्द कैबिनेट में लाया जाए। उन्होंने कहा कि निगम केवल पेड़ हटाने या लकड़ी बेचने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इको-टूरिज्म और वनों के वैज्ञानिक प्रबंधन के जरिए युवाओं में पर्यावरण के प्रति अलख जगाने का माध्यम भी है।
साफ नीति से मिला 167 करोड़ का मुनाफा
निगम की वित्तीय सेहत पर संतोष जताते हुए सीएम धामी ने बताया कि पिछले वर्ष उत्तराखंड वन विकास निगम ने 167 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया है। उन्होंने कहा, "जब नीति और नीयत साफ हो, तो संसाधनों का सही उपयोग राज्य को नई दिशा दे सकता है।" वहीं, वन मंत्री सुबोध उनियाल ने जानकारी साझा की कि निगम ने पिछले वित्तीय वर्ष में कुल 627 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाकर अपनी उपयोगिता साबित की है।
पर्यटकों से मार्मिक अपील: 'गंदगी न फैलाएं'
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा और जंगल सफारी के लिए आने वाले तीर्थयात्रियों व पर्यटकों से एक भावुक अपील भी की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 'लाइफ स्टाइल फॉर एनवायरनमेंट' (LiFE) मंत्र को अपनाते हुए पर्यटक धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों पर कचरा न फैलाएं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि विकास की दौड़ में हमने प्रकृति को पीछे छोड़ दिया, तो वह विकास अधूरा और विनाशकारी होगा।
मेधावी बच्चों का सम्मान
उत्सव के माहौल में मुख्यमंत्री ने उन होनहार बच्चों को भी मंच पर सम्मानित किया, जिन्होंने बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। ये बच्चे वन विकास निगम के ही कर्मचारियों के परिवार से हैं। इस मौके पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, वन मंत्री सुबोध उनियाल सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी और विधायक गण मौजूद रहे।