Search

सोनीपत के रॉकी का देसी जुगाड़: ट्रैक्टर में सनरूफ और किचन, अब नेपाल जाने की तैयारी

Mar 13, 2026 3:38 PM

हरियाणा। हरियाणा के सोनीपत की सड़कों पर इन दिनों एक ऐसा ट्रैक्टर दौड़ रहा है जिसे देखकर अच्छे-अच्छे इंजीनियर भी दांतों तले उंगली दबा लें। जिले के युवा किसान रॉकी ने अपने साधारण से ट्रैक्टर को एक आलीशान 'कारवां' में तब्दील कर दिया है। खेती-किसानी के काम आने वाली मशीन अब रॉकी के लिए चलता-फिरता घर बन चुकी है। रॉकी का यह जुनून केवल शौक तक सीमित नहीं है, बल्कि वे इस मॉडिफाइड ट्रैक्टर के जरिए देश के कोने-कोने को एक्सप्लोर कर रहे हैं। किस्तों पर खरीदे गए इस ट्रैक्टर को रॉकी ने अपनी मेहनत और कल्पना से एक ऐसा रूप दिया है जो सोशल मीडिया से लेकर सोनीपत के चौपालों तक चर्चा का विषय बना हुआ है।

4 लाख का खर्च और सनरूफ वाली लग्जरी

ट्रैक्टर की मॉडिफिकेशन पर करीब 4 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। सबसे दिलचस्प बदलाव इसके केबिन में है, जहां किसी महंगी कार की तरह 'सनरूफ' लगाई गई है ताकि पहाड़ों के सफर में कुदरत का नजारा करीब से लिया जा सके। केबिन के अंदर 8 से 10 लोगों के बैठने की जगह बनाई गई है और रात गुजारने के लिए बिस्तर व खाना बनाने के लिए रसोई का भी इंतजाम है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रॉकी ने पीछे के ट्रैफिक पर नजर रखने के लिए केबिन में कैमरे लगवाए हैं। वहीं, पहाड़ों की चढ़ाई और लंबी दूरी के बीच ईंधन की किल्लत न हो, इसके लिए आगे की तरफ 55 लीटर का एक अलग से डीजल टैंक भी फिट करवाया गया है।

दुर्गम रास्तों पर ट्रैक्टर का दम

यह केवल शो-पीस नहीं है, रॉकी ने इस ट्रैक्टर का लोहा हिमाचल के काजा-स्पीति जैसे सबसे कठिन रास्तों पर मनवाया है। चारधाम की ऊंची पहाड़ियों पर भी यह ट्रैक्टर शान से दौड़ चुका है। रॉकी बताते हैं कि उन्हें शुरू से ही कुछ अलग करने का शौक था, इसलिए उन्होंने ट्रैक्टर को ही अपना स्थाई हमसफर बना लिया। अब उनका अगला सपना अपने परिवार के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर नेपाल की यात्रा करना है। हालांकि, मौजूदा वैश्विक हालातों ने उनकी रफ्तार पर थोड़ी ब्रेक लगा दी है।

तेल संकट और नेपाल यात्रा का असमंजस

नेपाल जाने की पूरी योजना तैयार है, लेकिन खाड़ी देशों (Middle East) में चल रहे तनाव ने रॉकी को थोड़ा सोचने पर मजबूर कर दिया है। उन्हें डर है कि अगर युद्ध के हालात बिगड़े तो पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की किल्लत हो सकती है, जिससे लंबी यात्रा के दौरान बीच रास्ते में फंसने का जोखिम रहेगा। रॉकी फिलहाल अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर नजर रखे हुए हैं और जैसे ही स्थिति सामान्य होती है, वे अपने इस सनरूफ वाले घर को लेकर नेपाल की वादियों में निकलने के लिए तैयार बैठे हैं।

You may also like:

Please Login to comment in the post!