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दक्षिण हरियाणा को रेलवे की सौगात: अब 'परमानेंट' दौड़ेगी रींगस और जयपुर ट्रेन

Mar 16, 2026 3:03 PM

हरियाणा। रेवाड़ी और आसपास के इलाकों के रेल यात्रियों के लिए सोमवार की सुबह एक नई उम्मीद लेकर आई है। पिछले काफी समय से जिन ट्रेनों को 'स्पेशल' के तौर पर चलाया जा रहा था, उन्हें अब उत्तर पश्चिम रेलवे ने नियमित (Regularise) करने का ऐलान कर दिया है। रेलवे के इस फैसले का सबसे बड़ा असर उन हजारों श्रद्धालुओं पर पड़ेगा जो दिल्ली और एनसीआर से खाटूश्याम जी के दर्शन के लिए रींगस जाते हैं। अब उन्हें दिल्ली से रींगस के बीच एक स्थायी और भरोसेमंद ट्रेन की सुविधा मिलेगी।

खाटूधाम की राह हुई आसान: दिल्ली-रींगस डेमू का विस्तार और नियमितीकरण

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के मुताबिक, ट्रेन नंबर 09633/34 (रेवाड़ी-रींगस डेमू) को अब स्थायी कर दिया गया है। पहले यह ट्रेन टुकड़ों में चलती थी, लेकिन अब इसे दिल्ली से रींगस के बीच एक मुश्त सेवा के तौर पर चलाया जाएगा। दिल्ली से रींगस के लिए अब यह गाड़ी नियमित नंबर 74041 और वापसी में 74042 के साथ पटरी पर उतरेगी। इससे न केवल रेवाड़ी बल्कि नारनौल और महेंद्रगढ़ बेल्ट के उन लोगों को भी फायदा होगा जो व्यापार या पढ़ाई के सिलसिले में दिल्ली और राजस्थान के बीच आवाजाही करते हैं।

जयपुर-भिवानी रूट पर भी खत्म हुआ 'स्पेशल' का दौर

सिर्फ रींगस ही नहीं, बल्कि भिवानी और जयपुर के बीच चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेन को भी रेलवे ने नियमित कर दिया है। अब यह ट्रेन जयपुर से भिवानी के लिए गाड़ी संख्या 59709 और भिवानी से जयपुर के लिए 59710 के तौर पर अपनी स्थायी सेवा देगी। लंबे समय से इस रूट पर चलने वाले यात्रियों को इस बात का डर सताता था कि स्पेशल ट्रेन की अवधि खत्म होने पर इसे बंद न कर दिया जाए, लेकिन अब रेलवे के नए आदेश ने इन तमाम आशंकाओं पर विराम लगा दिया है।

दैनिक यात्रियों में खुशी की लहर: मिली लंबी मांग को जीत

दैनिक रेल यात्री संघ के पदाधिकारियों ने इस फैसले का जोरदार स्वागत किया है। संघ के प्रधान ने बताया कि दक्षिण हरियाणा के लोग लंबे समय से मांग कर रहे थे कि इन रूटों पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ मौजूदा सेवाओं को स्थायी किया जाए। उन्होंने कहा, "यह फैसला केवल यात्रियों की सुविधा नहीं है, बल्कि इस क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति देगा। अब नौकरीपेशा और व्यापारी वर्ग बिना किसी फिक्र के अपना शेड्यूल तय कर सकेंगे।" इस फैसले के बाद अब रेवाड़ी जंक्शन पर यात्रियों के दबाव को मैनेज करने में भी रेलवे को मदद मिलेगी।

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