- by Vinita Kohli
- Nov, 01, 2025 05:45
चंडीगढ़: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने खेलों के मामले में हरियाणा के साथ भेदभाव का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में देश का परचम लहराने वाले हरियाणा पर केंद्र की भाजपा सरकार जानबूझकर बेहद कम खर्च कर रही है। हुड्डा ने उत्तराखंड में संपन्न हुए राष्ट्रीय खेलों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि हरियाणा में प्रति मेडल के हिसाब से देखा जाए तो मात्र 4.5 लाख रुपये ही खर्च हुए हैं। जबकि दूसरे राज्यों जैसे महाराष्ट्र में 43.50 लाख, मध्य प्रदेश में 1.13 करोड़, दिल्ली में 1.13 करोड़, बिहार में 1.69 करोड़, उत्तर प्रदेश में 7.85 करोड़ तथा गुजरात में 11.21 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आंकड़ों से स्पष्ट है कि हरियाणा में खेलों पर खर्च किया गया निवेश हमेशा नतीजे लेकर आता है। बावजूद इसके, खेलों का बजट जारी करने से लेकर ओलंपिक के आयोजन तक में हरियाणा को नजरअंदाज किया जाता है। खेलों इंडिया के साढ़े तीन हजार करोड़ के बजट में भी हरियाणा को केवल 80 करोड़ दिए गए।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि भारत की कुल जनसंख्या का मात्र 2 प्रतिशत होने के बावजूद हरियाणा भारत के अंतरराष्ट्रीय पदकों में लगभग 50 प्रतिशत का योगदान देता है। ओलंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स, हर मंच पर हरियाणा के खिलाड़ी वर्षों से भारत का झंडा ऊंचा करते आए हैं। ऐसे में, कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे महत्वपूर्ण आयोजन में हरियाणा की भागीदारी और प्रतिनिधित्व अत्यंत स्वाभाविक और न्यायोचित है। यदि कॉमनवेल्थ गेम्स के कुछ आयोजन हरियाणा में होंगे तो इससे युवा खिलाड़ियों को वैश्विक प्रतियोगिताओं का न सिर्फ अनुभव मिलेगा, बल्कि प्रदेश में खेल-इकोसिस्टम को मजबूत आधार मिलेगा और साथ ही उन्नत स्टेडियमों, प्रशिक्षण केंद्रों तथा आधुनिक खेल अवसंरचना के रूप में अनेक फायदे मिलेंगे।