भारतीय अर्थव्यवस्था स्थिर, तेज गति से बढ़ रही है: आरबीआई डिप्टी गवर्नर
Feb 24, 2026 8:46 PM
मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक की डिप्टी गवर्नर पूनम गुप्ता ने कहा कि उच्च, स्थिर और बढ़ती वृद्धि दर के साथ-साथ अधिक अनुकूल आर्थिक परिणाम भारतीय अर्थव्यवस्था की पहचान बन गए हैं।
गुप्ता ने 20 फरवरी को सेंटर फॉर डेवलपमेंट स्टडीज़ (सीडीएस) के 14वें स्थापना दिवस पर व्याख्यान में कहा कि मजबूत व्यापक आर्थिक स्थिरता, नीतिगत निरंतरता और विविध मांग आधार के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार बेहतर होती वृद्धि दर की दिशा में आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि यह अधिकांश अन्य उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अधिक बेहतर स्थिति है, क्योंकि उनमें इन सहायक कारकों में से एक या अधिक की कमी है। गुप्ता ने कहा कि पिछले साढ़े चार दशक में भारत की आर्थिक वृद्धि धीमी लेकिन निश्चित गति से बढ़ी है, जो अन्य प्रमुख उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में काफी बेहतर प्रदर्शन है।
उनके अनुसार, जहां 1980 के दशक के दौरान औसत वृद्धि दर 5.7 प्रतिशत थी, वहीं अगले दशक में यह सुधरकर 5.8 प्रतिशत हो गई। इसके बाद 2000 और 2010 के दशकों के दौरान यह क्रमशः 6.3 और 6.6 प्रतिशत रही तथा पिछले चार वर्षों के दौरान यह बढ़कर 7.7 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
गुप्ता ने कहा कि वृद्धि के साथ-साथ व्यापक आर्थिक संकेतकों में भी जबर्दस्त सुधार हुआ है। मुद्रास्फीति (महंगाई) 1990 के दशक के लगभग 10 प्रतिशत से घटकर हाल के वर्षों में पांच प्रतिशत से नीचे आ गई है, जिससे भारत और विकसित अर्थव्यवस्थाओं के बीच मुद्रास्फीति का अंतर कम हुआ है।