- by Vinita Kohli
- Nov, 04, 2025 12:00
शिमला: हिमाचल प्रदेश के राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला की छात्रा की मौत मामले में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के आदेशों पर आरोपी प्रोफेसर को निलंबित कर दिया गया है। शिक्षा विभाग की ओर से शनिवार शाम को इस संबंध में आदेश जारी किए गए। इससे पहले सीएम सुक्खू ने सुबह सोलन के कंडाघाट में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा था कि धर्मशाला में छात्रा ने अपने वीडियो बयान में जिस प्रोफेसर का नाम लिया है, उसे तुरंत प्रभाव से निलंबित किया जाएगा। प्रोफेसर को निलंबित करने के आदेश दे दिए हैं। मामले की और विस्तृत जांच कॉल डिटेल के साथ की जाएगी। कहा कि जो भी इसमें संलिप्त होगा, सरकार सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी।
जांच के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय ने गठित की कमेटी
उधर, छात्रा की मौत मामले में तथ्य खोज/प्रारंभिक जांच करने के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय ने अध्यक्ष समेत सदस्यों की समिति का गठन किया है। समिति शिक्षकों और कॉलेज के विद्यार्थियों द्वारा उत्पीड़न, यौन उत्पीड़न, रैगिंग और जाति संबंधी टिप्पणियों के सभी पहलुओं और कोणों को कवर करते हुए एक व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। समिति को तीन दिनों के भीतर निश्चित रूप से रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया जाता है। समिति में अतिरिक्त उच्च शिक्षा निदेशक(कॉलेज, डॉ. हरीश कुमार मानव संसाधन शिक्षा निदेशालय को अध्यक्ष, सरकारी कॉलेज ढलियारा की प्रिंसिपल डॉ. अंजू आर चौहान, सरकारी कॉलेज बैजनाथ के प्रिंसिपल डॉ. प्रदीप कुमार कौंडल और सरकारी कॉलेज के प्रिंसिपल नौरा डॉ. राजेश कुमार को सदस्य बनाया गया है। को जांच करने और संबंधित रिकॉर्ड हासिल करने में मदद करेंगे। उच्च शिक्षा निदेशालय में अधिक्षक ग्रेड-2 राकेश वर्मा इस जांच को करने और संबंधित रिकॉर्ड हासिल करने में कमेटी की मदद करेंगे।
राष्ट्रीय व राज्य महिला आयोग ने भी लिया संज्ञान
उधर, राष्ट्रीय महिला आयोग ने छात्रा से रैगिंग, शारीरिक उत्पीड़न व यौन उत्पीड़न से जुड़ी इस घटना पर स्वतः संज्ञान लिया है, जिसमें 19 वर्षीय छात्रा की उपचार के दौरान मौत हो गई। आयोग अध्यक्ष ने प्रदेश पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर तत्काल प्राथमिकी पंजीकरण, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच, पोस्टमार्टम व चिकित्सीय अभिलेखों के संरक्षण तथा भारतीय न्याय संहिता 2023, यौन उत्पीड़न निरोधक कानूनों एवं रैगिंग निषेध नियमों के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त, दोषी संकाय सदस्यों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई, महाविद्यालय में एंटी रैगिंग तंत्र की समीक्षा के साथ परिसर सुरक्षा, जागरूकता व परामर्श व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस संबंध में पांच दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट आयोग को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं राज्य महिला आयोग ने मामले में संज्ञान लिया है। राज्य महिला आयोग अध्यक्ष विद्या नेगी ने एसपी कांगड़ा से मामले की रिपोर्ट तलब की है।
यूजीसी भी जांच करेगा
गौरतलब है कि मामले में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) भी जांच करेगा। यूजीसी ने इस मामले की जांच के लिए शुक्रवार को फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित कर दी है। यूजीसी का कहना है कि यह घटना बेहद दुखद है। परिजनों को विश्वास दिलाते हैं कि जो भी दोषी होंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उन्हें कड़ी सजा मिलेगी। छात्र और छात्राओं की सुरक्षा सबसे अहम है। उसमें किसी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं होगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यूजीसी ने धर्मशाला कॉलेज की छात्रा की मौत मामले का खुद संज्ञान लेते हुए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी को जांच कर जल्द रिपोर्ट देने के लिए कहा है। इसी बीच, छात्रा को जातिसूचक शब्दों से प्रताड़ित करने के आरोपों के चलते हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग ने भी पुलिस से रिपोर्ट तलब की है। वहीं राज्य महिला आयोग ने मामले में संज्ञान लिया है। राज्य महिला आयोग अध्यक्ष विद्या नेगी ने एसपी कांगड़ा से मामले की रिपोर्ट तलब की है।
कॉलेज प्राध्यापक संघ ने धर्मशाला छात्रा की मौत पर निष्पक्ष जांच मांगी
हिमाचल प्रदेश राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ ने धर्मशाला कॉलेज की छात्रा की दुखद मौत पर शोक प्रकट करते हुए छात्रा के माता-पिता व परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। संघ हिमाचल प्रदेश सरकार से यह मांग की है कि इस घटना में जो आरोप धर्मशाला महाविद्यालय की 3-4 छात्राओं व एक प्राध्यापक पर लगे हैं, उनकी निष्पक्ष जांच की जाए। प्राध्यापक संघ का मानना है की सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों में कई विरोधाभास हैं। यह बहुत ही संवेदनशील मामला है इसे किसी भी प्रकार से राजनीतिक व जातीय रंग न दिया जाए। प्राध्यापक संघ का मानना है कि विद्यार्थियों और अध्यापकों के संबंध बहुत ही पवित्र और माता-पिता की तरह होते हैं। फिर भी सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों की गंभीरता से निष्पक्ष जांच करवाई जाए । जल्दबाजी में किसी नतीजे पर नहीं पहुंचना चाहिए।
छात्रा को न्याय दिलाने के लिए शिमला व धर्मशाला में प्रदर्शन
छात्रा की मौत की निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग को लेकर सीपीआईएम ने जिलाधीश कार्यालय शिमला के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। वहीं मामले में विभिन्न संगठनों ने डीसी कार्यालय धर्मशाला के बाहर का प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रा के लिए न्याय और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।