Search

Rajasthan News: जैसलमेर में टूटे बिजली तार बने जानलेवा, करंट लगने से चार बकरियों और एक भेड़ की मौत, कई की हालत गंभीर

Jun 13, 2026 1:22 PM

जैसलमेर: राजस्थान के जैसलमेर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में शनिवार सुबह बिजली लाइनों से जुड़े दो अलग-अलग हादसों में पशुपालकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। तनोट और खुहड़ी थाना क्षेत्रों में टूटे हुए बिजली तारों की चपेट में आने से चार बकरियों और एक भेड़ की मौत हो गई, जबकि 6 से 7 भेड़ें गंभीर रूप से झुलस गईं। घटनाओं के बाद प्रभावित पशुपालकों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से जर्जर बिजली तारों की समस्या बनी हुई है, लेकिन समय रहते सुधार कार्य नहीं किया गया।

पहला हादसा जैसलमेर जिले के तनोट थाना क्षेत्र के घंटियाली गांव में सामने आया। जानकारी के अनुसार पशुपालक खेत सिंह पुत्र मगसिंह की बकरियां शनिवार सुबह रोजाना की तरह चरने के लिए निकली थीं। इसी दौरान गांव से कुछ दूरी पर हाई टेंशन बिजली लाइन का तार टूटकर जमीन पर गिरा हुआ था। स्थानीय लोगों के अनुसार तार में करंट प्रवाहित हो रहा था और पशु इसकी जानकारी के बिना उसके संपर्क में आ गए। करंट लगने से चार बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पशुपालक परिवार को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा और गांव में चिंता का माहौल बन गया।

दूसरा हादसा खुहड़ी थाना क्षेत्र के खुहड़ी गांव में हुआ। यहां घरेलू बिजली लाइन का तार टूटकर नीचे गिर गया था। इसी दौरान पशुपालक लख सिंह सोढा पुत्र खेत सिंह की भेड़ें वहां से गुजर रही थीं और करंट की चपेट में आ गईं। हादसे में एक भेड़ की मौत हो गई, जबकि 6 से 7 अन्य भेड़ें गंभीर रूप से झुलस गईं। प्रभावित पशुओं का उपचार कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर बिजली लाइन की मरम्मत की जाती तो इस तरह की घटना टाली जा सकती थी।

बिजली विभाग के खिलाफ शिकायत दर्ज

घटना के बाद प्रभावित पशुपालक लख सिंह सोढा ने शनिवार दोपहर खुहड़ी थाने पहुंचकर बिजली विभाग के खिलाफ शिकायत दी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विभाग की लापरवाही और खराब रखरखाव के कारण यह हादसा हुआ। पशुपालकों ने प्रशासन से मामले की जांच कराने और नुकसान की भरपाई सुनिश्चित करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि टूटे हुए तारों को समय पर हटाने और मरम्मत करने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि जैसलमेर के सीमावर्ती इलाकों में कई स्थानों पर बिजली लाइनें पुरानी और जर्जर हो चुकी हैं। वे बताते हैं कि कई बार संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद मरम्मत कार्य में देरी होती रही, जिसके कारण हादसों का जोखिम लगातार बढ़ता गया। अब पशुओं की मौत के बाद लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है।

घटनाओं के बाद ग्रामीणों और पशुपालकों ने बिजली लाइनों की तत्काल जांच और मरम्मत की मांग उठाई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में बड़े हादसे भी हो सकते हैं। ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, प्रभावित परिवारों को मुआवजा और क्षेत्र की जर्जर बिजली लाइनों को बदलने की मांग की है। लोगों का कहना है कि पशुपालन यहां की आजीविका का महत्वपूर्ण साधन है और ऐसे हादसे सीधे तौर पर परिवारों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित करते हैं।

You may also like:

Please Login to comment in the post!