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चरखी दादरी में दर्दनाक हादसा: ई-ट्राईसाइकिल की बैटरी फटने से जिंदा जला दिव्यांग पूर्व फौजी

Jun 13, 2026 2:13 PM

चरखी दादरी। हरियाणा के चरखी दादरी जिले के कन्हेटी गांव से एक बेहद स्तब्ध कर देने वाली और दर्दनाक खबर आई है। गुरुवार की शाम यहां एक ऐसी त्रासदी घटी जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। देश की सेवा कर चुके 29 वर्षीय दिव्यांग पूर्व फौजी रविंद्र की उनकी अपनी ही बैटरी चालित ई-ट्राईसाइकिल में आग लगने के कारण जिंदा जलकर मौत हो गई। जब तक आसपास के ग्रामीण आग की लपटें देखकर मौके पर दौड़ते और कुछ समझ पाते, तब तक रविंद्र का शरीर पूरी तरह झुलस चुका था और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

बैटरी ब्लास्ट बना मौत का कारण

मिली जानकारी के मुताबिक, रविंद्र गुरुवार की शाम अपनी ई-ट्राईसाइकिल पर सवार होकर गांव के पास स्थित एक मजार पर माथा टेकने गए थे। वहां से वापस लौटते समय अचानक उनकी गाड़ी के निचले हिस्से में शॉर्ट सर्किट हुआ। परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि शॉर्ट सर्किट इतनी तेजी से हुआ कि ई-ट्राईसाइकिल की भारी-भरकम बैटरी जोरदार धमाके के साथ फट गई। चूंकि रविंद्र दिव्यांग थे और गाड़ी से तुरंत उतरने की स्थिति में नहीं थे, इसलिए वे खुद को बचा नहीं पाए और आग की भीषण लपटों के बीच घिर गए।

खेल के मैदान से फौज और फिर व्हीलचेयर तक का सफर

इस हादसे ने एक ऐसे जांबाज की जिंदगी का अंत कर दिया, जिसकी कहानी कभी युवाओं के लिए प्रेरणा हुआ करती थी। रविंद्र अपने दौर में दौड़ लगाने और फुटबॉल खेलने में इलाके के अव्वल खिलाड़ियों में शुमार थे। अपनी इसी खेल प्रतिभा (स्पोर्ट्स कोटे) के दम पर वे साल 2014 में भारतीय सेना का हिस्सा बने थे। देश सेवा का जज्बा लेकर फौज में शामिल हुए रविंद्र ने करीब दो साल तक मुस्तैदी से नौकरी की। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; ड्यूटी के दौरान उनकी कमर में एक ऐसी गंभीर चोट लगी जिसने उनकी जिंदगी का रुख ही बदल दिया। इस चोट के कारण वे शारीरिक रूप से अपाहिज हो गए और उन्हें सेना की नौकरी छोड़नी पड़ी।

गांव में पसरा मातम

फौज से आने के बाद भी रविंद्र ने हिम्मत नहीं हारी थी और सरकार द्वारा मिली ई-ट्राईसाइकिल के सहारे अपनी जिंदगी की गाड़ी को आगे बढ़ा रहे थे। किसे पता था कि जिस वाहन ने उन्हें दोबारा आत्मनिर्भर बनाया, वही एक दिन उनकी मौत का सबब बन जाएगा। घटना के बाद से कन्हेटी गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर आंख नम है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस अब इस बात की तकनीकी जांच कर रही है कि आखिर बैटरी में इतना बड़ा फॉल्ट कैसे हुआ, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

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