राजस्थान में भीषण सड़क हादसा: झुंझुनूं में बोलेरो-डंपर टक्कर के बाद 3 बाराती जिंदा जले, घायलों की स्थिति नाजुक
Apr 24, 2026 11:14 AM
झुंझुनूं: राजस्थान के झुंझुनूं जिले में राजगढ़-पिलानी नेशनल हाईवे 709 पर गुरुवार रात करीब 10 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें तीन बारातियों की जिंदा जलने से मौत हो गई। हादसा तब हुआ जब हनुमानगढ़ के मनदपुरा से पिलानी जा रही बोलेरो की सामने से आ रहे रोड़ी से भरे डंपर से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहन तुरंत आग का गोला बन गए। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार आग तेजी से फैल गई, जिससे बोलेरो में सवार तीन लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।
टक्कर के बाद दोनों वाहन बने आग का गोला
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि डंपर राजगढ़ की ओर जा रहा था, तभी सामने से आ रही बोलेरो से उसकी सीधी भिड़ंत हो गई। जोरदार धमाके के साथ दोनों वाहनों में आग लग गई और देखते ही देखते लपटों ने विकराल रूप ले लिया। बोलेरो में सवार युवक बारात में शामिल होने जा रहे थे, लेकिन हादसे ने सबकुछ बदल दिया। आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर बैठे लोग फंस गए और जिंदा जल गए।
हादसे के बाद मची अफरा-तफरी
घटना के बाद हाईवे पर चीख-पुकार मच गई और लंबा जाम लग गया। सूचना मिलने पर हमीरवास थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन आग की तीव्रता के कारण राहत कार्य में काफी दिक्कतें आईं। हादसे के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
पांच युवक गंभीर, जयपुर रेफर
पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद पांच घायलों को जलती गाड़ी से बाहर निकाला। ये सभी 50 प्रतिशत से ज्यादा झुलस चुके थे। घायलों को तुरंत पिलानी के बिड़ला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए पहले झुंझुनूं के बीडीके अस्पताल और फिर जयपुर रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार सभी की हालत नाजुक बनी हुई है।
घायलों की पहचान सामने आई
इस हादसे में घायल हुए युवकों की पहचान पंकज (20), कमल (22), आनंद (20), विकास (24) और आशिष (20) के रूप में हुई है। इनमें से तीन युवक हनुमानगढ़ के मनदपुरा गांव के रहने वाले हैं, जबकि अन्य अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े हैं। सभी बारात में शामिल होने जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही हादसे का शिकार हो गए।
दमकल की देरी और हाईवे की खामियां
घटनास्थल पिलानी के करीब होने के बावजूद दमकल को पहुंचने में करीब 45 मिनट का समय लग गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर आग पर काबू पाया जाता, तो जान बचाई जा सकती थी। टोल प्लाजा के पास आपातकालीन सुविधाओं का अभाव भी सामने आया। इसके अलावा हाईवे के किनारों पर उगी झाड़ियों और मोड़ पर कम दृश्यता भी हादसों का बड़ा कारण बन रही है।
NH-709 बना हादसों का केंद्र
राजगढ़-पिलानी हाईवे 709 को अब हादसों का हॉटस्पॉट माना जाने लगा है। पिछले एक साल में इस 20 किलोमीटर के दायरे में 8 लोगों की जान जा चुकी है। थिरपाली के पास एक ही स्थान पर तीन लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा उपायों में सुधार नहीं किया गया है।
शवों की पहचान बनी चुनौती
पुलिस के अनुसार आग इतनी भीषण थी कि मृतकों के शव पूरी तरह जल चुके हैं, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया है। शवों को चूरू जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है। पुलिस आगे की जांच में जुटी है और मृतकों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।