Jind Cyber Fraud: जींद में फर्जी शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ₹21 लाख की ठगी, राजस्थान का शातिर ठग बीकानेर से गिरफ्तार
Jun 03, 2026 4:20 PM
जींद। डिजिटल इंडिया के इस दौर में साइबर ठग मासूम लोगों की गाढ़ी कमाई पर डाका डालने के लिए रोज नए-नए पैंतरे अपना रहे हैं। ताजा मामला जींद जिले से सामने आया है, जहां शेयर मार्केट और आईपीओ (IPO) में ऊंचे मुनाफे का सब्जबाग दिखाकर एक युवक की जेब साफ कर दी गई। हालांकि, जींद पुलिस के हाथ इस बार एक बड़ी कामयाबी लगी है। पुलिस अधीक्षक (SP) कुलदीप सिंह के सीधे दिशा-निर्देशों पर काम कर रही साइबर क्राइम टीम ने जाल बिछाकर इस धोखाधड़ी के मुख्य सूत्रधार उमा शंकर ओझा को राजस्थान के बीकानेर से दबोच लिया है।
व्हाट्सएप कॉल से शुरू हुआ खेल, 'अपर सर्किट' और 'ब्लॉक ट्रेड' के जाल में फंसा पीड़ित
इस पूरी इनसाइड स्टोरी की परतें खोलते हुए साइबर थाना प्रभारी उपनिरीक्षक जगदीप सिंह ने बताया कि ठगी के शिकार हुए गांव दनौदा कलां निवासी प्रदीप ने पुलिस को एक लिखित शिकायत सौंपी थी। प्रदीप के मुताबिक, कुछ समय पहले उसके व्हाट्सएप पर एक अज्ञात महिला का मैसेज आया था। उस महिला ने खुद को निवेश जगत की नामी कंपनी "केदारा कैपिटल लिमिटेड (KCL)" की बड़ी अधिकारी बताया। बातचीत के दौरान महिला ने प्रदीप को शेयर बाजार से घर बैठे मोटी कमाई का लालच दिया और उसके फोन में एक खास मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड करवा दी।
इसके बाद शुरू हुआ असली खेल। शातिर ठगों ने प्रदीप को अपनी ऐप के जरिए अपर सर्किट, ब्लॉक ट्रेड और अपकमिंग आईपीओ में निवेश करने की सलाह दी। प्रदीप को भरोसा दिलाया गया कि इस स्कीम के तहत उसे हर दिन 10 फीसदी का बंपर मुनाफा मिलेगा और महज एक हफ्ते के भीतर उसकी पूरी मूल रकम दोगुनी हो जाएगी।
जब पैसे निकालने की आई बारी तो मांगी और रकम, तब खुला ठगी का राज
शुरुआत में ऐप की फर्जी डिजिटल स्क्रीन पर भारी मुनाफा देखकर प्रदीप इनके झांसे में आ गया। उसने आरोपियों के बताए अनुसार अलग-अलग बैंक खातों में टुकड़ों-टुकड़ों में कुल 21 लाख 10 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। कुछ दिन बीतने के बाद जब प्रदीप को पैसों की जरूरत हुई और उसने ऐप से अपनी रकम निकालने (विड्रॉ) का प्रयास किया, तो सॉफ्टवेयर ने एरर दिखा दिया। जब उसने अपनी महिला हैंडलर से संपर्क किया, तो आगे से जवाब मिला कि पैसे निकालने के लिए पहले टैक्स और पेनल्टी के रूप में और मोटी रकम जमा करनी होगी। यहीं पर प्रदीप का माथा ठनका और उसे समझ आ गया कि वह साइबर अपराधियों के मकड़जाल में बुरी तरह फंस चुका है।
पुलिस ने बीएनएस (BNS) की धाराओं में कसा शिकंजा, ठगों से बचने के लिए जारी की एडवाइजरी
धोखाधड़ी का अहसास होते ही पीड़ित ने तुरंत जींद साइबर थाने की शरण ली। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319 और 61 के तहत मुकदमा दर्ज कर अपनी तफ्तीश शुरू की। बैंक खातों के लेन-देन और मोबाइल लोकेशन के तकनीकी विश्लेषण के बाद पुलिस की एक विशेष टीम ने राजस्थान में छापेमारी कर उमा शंकर ओझा को गिरफ्तार कर लिया।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद जींद पुलिस ने आम जनता के लिए एक जरूरी चेतावनी भी जारी की है। पुलिस ने साफ कहा है कि सोशल मीडिया या व्हाट्सएप पर मिलने वाले किसी भी अज्ञात लिंक, ऑनलाइन निवेश योजनाओं, क्रिप्टोकरेंसी या रातों-रात अमीर बनाने वाले दावों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी भी रजिस्टर्ड कंपनी की प्रामाणिकता जांचने के लिए सेबी (SEBI) की आधिकारिक वेबसाइट का ही इस्तेमाल करें, ताकि आपकी मेहनत की कमाई सुरक्षित रह सके।