जींद पुलिस का महा-एक्शन: नरवाना में नशा तस्करों के 27 ठिकानों को बुलडोजर से किया जमींदोज
Jun 09, 2026 3:05 PM
जींद (दलेर सिंह): नशामुक्त हरियाणा के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए जींद पुलिस ने मंगलवार को नशा माफियाओं के गढ़ पर अब तक का सबसे बड़ा और आत्मघाती प्रहार किया है। नरवाना उपमंडल की बदनाम चमेला कॉलोनी में पुलिस ने कानून का बुलडोजर चलाकर नशा तस्करों द्वारा अवैध रूप से खड़े किए गए साम्राज्य को ताश के पत्तों की तरह बिखेर दिया। इस विशेष अभियान के तहत एक-एक करके 27 अवैध निर्माणों और मकानों को मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया गया। इस अप्रत्याशित और सख्त कार्रवाई से न सिर्फ इलाके के नशा तस्करों बल्कि हर छोटे-बड़े असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया है।
भारी पुलिस बल के साथ तड़के ही गूंजी बुलडोजर की दहाड़
कार्रवाई की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे ऑपरेशन को बेहद गोपनीय और रणनीतिक तरीके से अंजाम दिया गया। पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह के दिशा-निर्देशों पर अमल करते हुए उप पुलिस अधीक्षक (DSP) कमलदीप राणा खुद मोर्चे पर उतरे। उनके नेतृत्व में नरवाना उपमंडल के सभी थानों के प्रभारी (SHOs), सीआईए (CIA) स्टाफ की टीमें और भारी संख्या में सशस्त्र पुलिस बल तड़के ही चमेला कॉलोनी पहुंच गया। कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े, इसके लिए नरवाना के तहसीलदार को बकायदा ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था, जिनकी देखरेख में यह पूरी मुहिम बिना किसी कड़े विरोध के शांतिपूर्ण ढंग से निपट गई।
डीटीपी के नोटिस और काली कमाई का नेक्सस आया सामने
ट्रेड और स्थानीय खुफिया इनपुट के अनुसार, जिन मकानों, दुकानों और चारदीवारियों पर बुलडोजर चला है, वे सभी जिला नगर योजनाकार (DTP) जींद की राडार पर थे। विभाग द्वारा इनके स्वामियों को काफी पहले ही अवैध कब्जे हटाने के कानूनी नोटिस थमाए जा चुके थे।
तफ्तीश में यह चौंकाने वाला सच भी सामने आया:
"ये संपत्तियां उन शातिर अपराधियों की थीं, जो लंबे समय से इलाके में हेरोइन, स्मैक और प्रतिबंधित नशीली गोलियों की तस्करी के धंधे में शामिल थे। इन लोगों ने नशा बेचकर युवाओं की नस-नस में जहर घोला और उस काली कमाई का इस्तेमाल सरकारी व प्रतिबंधित जमीनों पर अवैध आलीशान मकान खड़े करने में किया।"
'सिर्फ जेल नहीं, आर्थिक रीढ़ पर भी होगा प्रहार'
कार्रवाई के बाद पत्रकारों से मुखातिब होते हुए डीएसपी कमलदीप राणा ने कड़े लहजे में कहा कि जींद पुलिस नशा माफिया के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' यानी शून्य सहनशीलता की नीति अपनाए हुए है। उन्होंने साफ किया कि नशे के अवैध कारोबार से खड़ी की गई किसी भी जायदाद को बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई महज एक बानगी है, आने वाले दिनों में अपराधियों की आर्थिक जड़ों को पूरी तरह से खोखला कर दिया जाएगा।
वहीं, एसपी कुलदीप सिंह ने हरियाणा सरकार और पुलिस महानिदेशक (DGP) के कड़े आदेशों का हवाला देते हुए नशा तस्करों को दो टूक चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि या तो तस्कर इस काले धंधे को हमेशा के लिए छोड़ दें, अन्यथा कानून का यह पीला पंजा उनके आशियानों को उजाड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। जींद जिले की सीमा के भीतर किसी भी ड्रग पेडलर को पनपने नहीं दिया जाएगा।