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हफ्ता वसूली गैंग पर जींद एसपी का बड़ा एक्शन, ईक्कस बाईपास पर पैर में गोली लगने से गिरा बदमाश तपन

Jun 04, 2026 2:36 PM

जींद (दलेर सिंह)। जींद में व्यापारियों और दुकानदारों के भीतर खौफ पैदा करने की कोशिश कर रहे बदमाशों को पुलिस ने उनके ही अंदाज में जवाब दिया है। डीएसपी (DSP) ऋषभ सौढी ने वीरवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस पूरी मुठभेड़ का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि एसपी कुलदीप सिंह के कड़े निर्देशों पर एवीटी स्टाफ प्रभारी सब-इंस्पेक्टर यशवीर सिंह अपनी टीम के साथ भिवानी रोड पर गश्त पर थे। इसी दौरान मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि ढाबे पर तांडव मचाने वाले आरोपी तपन (निवासी कुरड़, सफीदों) और गोवर्धन उर्फ बंटी (निवासी एंचरा खुर्द) हथियारों से लैस होकर कार में बरवाला की तरफ से सफीदों आ रहे हैं। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए ईक्कस बाईपास के पास रजबाहे (नहर) के किनारे जाल बिछा दिया।

साइन बोर्ड से टकराई कार, फिर शुरू हुई अंधाधुंध फायरिंग

कुछ ही देर में संदिग्ध कार आती दिखाई दी। पुलिस टीम ने जब टॉर्च की रोशनी देकर गाड़ी को रुकने का इशारा किया, तो चालक ने घबराकर गाड़ी को तेजी से मोड़ने की कोशिश की। लेकिन रफ्तार अधिक होने के कारण कार अनियंत्रित होकर रजबाहे के किनारे लगे सीमेंट के एक साइन बोर्ड से जा टकराई। गाड़ी रुकते ही दोनों आरोपी दरवाजा खोलकर खेतों की तरफ भागने लगे। पुलिस ने जब उन्हें ललकारा, तो आरोपी गोवर्धन उर्फ बंटी ने अपने साथी तपन को पुलिस पर गोली चलाने के लिए उकसाया। तपन ने तुरंत कमर से पिस्तौल निकाली और सीधे सब-इंस्पेक्टर यशवीर सिंह पर फायर झोंक दिया। गोली सीधे यशवीर सिंह की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। अगर सब-इंस्पेक्टर ने जैकेट न पहनी होती, तो मौके पर ही बड़ा हादसा हो सकता था।

आत्मरक्षा में पुलिस ने चलाई गोली, तपन के पैर में लगी

पहली गोली चलने के बाद भी पुलिस ने संयम बरता और बदमाशों को हथियार डालने की आखिरी चेतावनी दी। लेकिन आरोपी तपन पुलिस की चेतावनी को अनसुना कर अपनी पिस्तौल को दोबारा लोड करने लगा। पुलिस टीम की जान पर मंडराते खतरे को देखते हुए सब-इंस्पेक्टर यशवीर सिंह ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से तपन के पैर को निशाना बनाकर जवाबी फायर किया। गोली सीधे तपन के बाएं पैर में लगी और वह चीखते हुए जमीन पर गिर पड़ा। इसी बीच पुलिस टीम के दूसरे सब-इंस्पेक्टर मनोज ने बदमाशों का हौसला पस्त करने के लिए एक हवाई फायर भी किया, जिसके बाद दोनों आरोपियों को दबोच लिया गया। तलाशी के दौरान तपन के पास से एक .315 बोर की पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।

25 मई को ढाबे पर मचाया था तांडव

इस गैंग की गुंडागर्दी की कहानी बीती 25 मई से शुरू होती है। इन बदमाशों ने अपने 7-8 अन्य साथियों के साथ मिलकर पानीपत-सफीदों रोड पर स्थित 'बादल सैनी ढाबा' पर धावा बोला था। आरोपियों ने ढाबा संचालक शुभम सैनी की कनपटी पर पिस्तौल तानकर साफ कहा था कि अगर यहां धंधा करना है, तो हर हफ्ते 10 हजार रुपये की रंगदारी (हफ्ता) देनी होगी। जब शुभम ने असमर्थता जताई, तो इन बदमाशों ने ढाबे में रखा फ्रिज, एलईडी टीवी, सीसीटीवी कैमरे और सारा फर्नीचर लाठियों और सरियों से तोड़कर मटियामेट कर दिया था। इस घटना के बाद से ही सफीदों के व्यापारियों में दहशत थी। डीएसपी ऋषभ सौढी ने साफ किया है कि घायल तपन का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि गोवर्धन को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जा रहा है ताकि इस वारदात में शामिल उनके बाकी 6-7 साथियों को भी जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।

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