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चीका नगर पालिका में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: सचिव जितेंद्र कुमार सस्पेंड, रिकाॅर्ड गायब करने के आरोप

May 07, 2026 10:20 AM

कैथल। हरियाणा के कैथल जिले की चीका नगर पालिका एक बार फिर विवादों के घेरे में है। भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में भारी अनियमितताओं के गंभीर आरोपों के बीच पालिका सचिव जितेंद्र कुमार को पद से निलंबित कर दिया गया है। कैथल के डीएमसी कपिल कुमार ने पुष्टि की है कि उन्हें ईमेल के जरिए सचिव के सस्पेंशन के आदेश प्राप्त हुए हैं। हालांकि, सरकारी आदेशों में निलंबन का कोई विशिष्ट कारण स्पष्ट नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों और स्थानीय पार्षदों के अनुसार, यह कार्रवाई विकास कार्यों में हुए करोड़ों के कथित खेल और रिकाॅर्ड में हेराफेरी के चलते की गई है।

गायब रजिस्टर नंबर 35: भ्रष्टाचार के राज छिपाने की कोशिश?

इस पूरे मामले में वार्ड नंबर 2 के पार्षद दलबीर सीड़ा ने सचिव के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। सीड़ा का सीधा आरोप है कि नगर पालिका का महत्वपूर्ण रजिस्टर नंबर 35 जानबूझकर गायब किया गया है। उन्होंने बताया कि कई बार मांगने के बावजूद सचिव ने यह रजिस्टर पेश नहीं किया। आरोप है कि इसी रजिस्टर में उन विकास कार्यों का कच्चा चिट्ठा दर्ज है, जिनमें बड़े पैमाने पर धांधली की गई है। पार्षद का दावा है कि सचिव को डर था कि यदि रजिस्टर सामने आया, तो भ्रष्टाचार की परतें खुल जाएंगी और कई बड़े चेहरे बेनकाब होंगे।

बिना गली बने लाखों का भुगतान: विजिलेंस जांच में भी अड़ंगा

भ्रष्टाचार की कहानी यहीं खत्म नहीं होती। पार्षद दलबीर सीड़ा ने खुलासा किया कि पिछले साल वार्ड नंबर 2 और वार्ड नंबर 15 में कागजों पर गलियों का निर्माण दिखाकर ठेकेदारों को लाखों रुपए का भुगतान कर दिया गया, जबकि धरातल पर एक ईंट तक नहीं लगी। जब इस मामले की शिकायत विजिलेंस से की गई, तो आरोप है कि सचिव ने जांच टीम को रिकाॅर्ड उपलब्ध कराने के बजाय साइटों के साथ छेड़छाड़ कर सबूत मिटाने का प्रयास किया। इतना ही नहीं, शहर में पौधे लगाने और ट्री-गार्ड के नाम पर भी सरकारी खजाने से लाखों रुपए निकाल लिए गए, जबकि असलियत में न कहीं पौधे दिखे और न ही ट्री-गार्ड।

करोड़ों के घोटाले की आशंका, पार्षदों ने मंत्री तक पहुंचाई शिकायत

नगर पालिका में व्याप्त इस अव्यवस्था को लेकर पार्षदों का एक प्रतिनिधिमंडल 12 फरवरी को निकाय मंत्री विपुल गोयल और एसीएस से मिला था। इस शिकायत में करोड़ों के घोटाले की आशंका जताई गई थी। उधर, निलंबित सचिव जितेंद्र कुमार का कहना है कि उन्हें केवल सस्पेंशन की सूचना मिली है और कारणों की जानकारी उनके पास भी नहीं है। बहरहाल, इस कार्रवाई के बाद अब यह माना जा रहा है कि यदि निष्पक्ष जांच हुई, तो चीका नगर पालिका में विकास के नाम पर हुई बड़ी लूट के कई और मामले सामने आ सकते हैं।


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