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ढांड के पंचमुखी चौक पर लगा डेढ़ घंटे लंबा जाम, थाना प्रभारी पवन कुमार ने खुद उतरकर खुलवाया रास्ता

Jun 17, 2026 3:31 PM

ढांड (नरेश ढांडा)। कस्बे के सबसे व्यस्त और मुख्य व्यापारिक केंद्र पंचमुखी चौक पर बुधवार दोपहर उस वक्त यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई, जब यहां करीब डेढ़ घंटे तक लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। दोपहर करीब 1 बजे शुरू हुए इस जाम ने देखते ही देखते इतना विकराल रूप ले लिया कि चौक से जुड़ने वाली चारों सड़कों पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। चिलचिलाती धूप और उमस के बीच सड़क पर फंसे वाहन चालकों, राहगीरों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और लोग समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सके।

प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो जाम की शुरुआत किसी एक बड़े वाहन के मोड़ पर फंसने और उसके पीछे वाहनों की अव्यवस्थित आवाजाही के कारण हुई। देखते ही देखते दोपहिया, चारपहिया वाहनों के साथ-साथ रोडवेज और निजी बसें भी इस कदर फंस गईं कि पैदल चलने वालों तक के लिए रास्ता नहीं बचा। चौक के चारों तरफ सिर्फ हॉर्न का शोर और बेबस खड़े लोग ही नजर आ रहे थे।

थाना प्रभारी ने संभाला मोर्चा; कतार में लगवाए वाहन

जाम की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय दुकानदारों ने इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी। सूचना पाकर ढांड थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर पवन कुमार भारी पुलिस बल के साथ खुद मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए सबसे पहले आड़े-तिरछे खड़े वाहनों को साइड करवाया।

थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कड़ाई दिखाते हुए चालकों को अपनी-अपनी लेन (लाइन) में चलने की हिदायत दी। पुलिस की इस त्वरित सक्रियता और सूझबूझ का असर थोड़ी देर में दिखने लगा। करीब डेढ़ घंटे की भारी मशक्कत और पसीना बहाने के बाद पुलिस ने बंद पड़े ट्रैफिक को धीरे-धीरे सुचारू कराया, जिसके बाद कहीं जाकर राहगीरों ने राहत की सांस ली।

चौक पर अक्सर बनती है ऐसी स्थिति, स्थायी समाधान की मांग

इस समस्या को लेकर स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में गहरा रोष है। लोगों का कहना है कि पंचमुखी चौक कस्बे का दिल है, जहां दिनभर वाहनों का भारी दबाव रहता है। यहां आए दिन अव्यवस्थित पार्किंग और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी के चलते जाम की स्थिति बनती रहती है, जिससे दुकानदारी भी प्रभावित होती है।

क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और पुलिस के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि इस चौक पर यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए स्थायी रूप से ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए। साथ ही, चौक के चौड़ीकरण या होमगार्ड्स की ड्यूटी लगाने जैसे कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में जनता को इस प्रकार के मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न से न गुजरना पड़े।

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