Haryana News: कैथल में बिना मान्यता के चल रहे निजी स्कूलों पर सख्ती, 35 स्कूलों की सूची जारी
Mar 26, 2026 5:23 PMकैथल: जिला शिक्षा विभाग ने बिना मान्यता और बिना अनुमति के संचालित हो रहे निजी स्कूलों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए 35 ऐसे विद्यालयों की सूची जारी की है। जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष ने निदेशालय के निर्देशों का पालन करते हुए इन स्कूलों को अवैध घोषित किया है और अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों का दाखिला इन संस्थानों में न करवाएं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना सरकारी मान्यता के संचालित स्कूलों में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों का भविष्य जोखिम में पड़ सकता है। ऐसे में यदि अभिभावक इन स्कूलों में अपने बच्चों का दाखिला करवाते हैं, तो इसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे। आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से इन स्कूलों के नाम सार्वजनिक किए गए हैं।
शिक्षा विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार, कैथल जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सरस्वती विद्या मंदिर और शहीद भगत सिंह पब्लिक स्कूल (खेड़ी लांबा), गीता विद्या मंदिर कोलेखा, गुरु द्रोणाचार्य पब्लिक स्कूल कैलरम, एस.वी.एन. स्कूल (खरक पांडवा), गीता मॉडल स्कूल ( वजीर नगर), सरस्वती पब्लिक स्कूल (चांदना), शहीद उधम सिंह स्कूल भुसला, गीता निकेतन पब्लिक स्कूल भुना, स्विफ्ट इंटरनेशनल स्कूल (क्योड़क), शिक्षा पब्लिक स्कूल (ग्योंग), एस.डी. मॉडर्न स्कूल (बात्ता), गीतांजलि पब्लिक स्कूल (करोडा), गीता मनोहर पब्लिक स्कूल नंद करण माजरा, टुगेदर वी स्कूल (सेरधा), सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल (थेह बुटाना), नवज्योति पब्लिक स्कूल (चुड़माजरा), ग्रीन वे पब्लिक स्कूल (संगतपुरा), शहीद भगत सिंह स्कूल व आदर्श पब्लिक स्कूल बरटा, नव जीवन पब्लिक स्कूल, शहीद भगत सिंह स्कूल और मदर प्राइड पब्लिक स्कूल (धनौरी), किड्स ज़ोन (चंदाना), शिव पब्लिक स्कूल (कुराड), चौधरी देवी लाल स्कूल (बालू), एस.के. ग्लोबल एकेडमी (करनाल रोड, कैथल), चाणक्य पब्लिक स्कूल कमालपुर, हरियाणा पब्लिक स्कूल डुंडवा, आरएस पब्लिक स्कूल कलायत, एसवीएन ग्लोबल स्कूल (खेड़ी लांबा), सरस्वती मिडिल स्कूल बडसिकरी, ज्ञानदीप विद्या मंदिर खेड़ी शेरखा, ब्राइट बिगिनिंग पब्लिक स्कूल (धनौरी) तथा हर-हर महादेव स्कूल किछाना बिना मान्यता के संचालित पाए गए हैं।
शिक्षा विभाग ने यह भी बताया कि सूची में शामिल कुछ स्कूलों को ‘बंद’ श्रेणी में रखा गया है, जिनकी जांच पहले ही पूरी की जा चुकी है। विभाग द्वारा ऐसे सभी स्कूलों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया भी जारी है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों का दाखिला केवल मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ही करवाएं। साथ ही, यदि किसी क्षेत्र में अवैध रूप से स्कूल संचालित होने की सूचना मिले तो तुरंत शिक्षा विभाग को सूचित करें, ताकि उचित कार्रवाई की जा सके।