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कैथल में इनेलो का महाप्रदर्शन: पिहोवा चौक पर मटके फोड़कर रामपाल माजरा ने सरकार को घेरा

Jun 01, 2026 2:17 PM

कैथल। ईंधन के दामों में लगी आग और बेकाबू होती महंगाई के मुद्दे पर इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने सोमवार को कैथल में राज्य सरकार के खिलाफ सीधे तौर पर मोर्चा खोल दिया। पार्टी के घोषित प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत जिला मुख्यालय पर एक विशाल रोष मार्च निकाला गया, जिसमें पुरुषों के साथ-साथ गृहणियों और महिला कार्यकर्ताओं ने भी भारी तादाद में हिस्सा लिया। इस महाप्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा ने सीधे तौर पर सत्तापक्ष की नीतियों को आड़े हाथों लिया। कार्यकर्ताओं का हुजूम जब हाथों में झंडे और तख्तियां लेकर निकला, तो शहर के मुख्य रास्तों पर ट्रैफिक थम सा गया।

पिहोवा चौक पर फूटा गुस्सा, तोड़े मटके

तय रणनीति के मुताबिक, सोमवार सुबह जिलेभर से आए सैकड़ों इनेलो कार्यकर्ता पहले स्थानीय जवाहर पार्क में इकट्ठा हुए। यहां एक संक्षिप्त सभा के बाद कार्यकर्ताओं का हुजूम नारेबाजी करता हुआ पिहोवा चौक की तरफ बढ़ा। सरकार की नाकामियों को उजागर करने के लिए प्रदर्शनकारियों ने अनोखा तरीका अपनाया; चौक के बीचों-बीच खड़े होकर महिलाओं ने खाली मटके जमीन पर दे मारे। कार्यकर्ताओं का कहना था कि यह फूटे हुए मटके इस बात का प्रतीक हैं कि सरकार ने आम आदमी के घर का बजट पूरी तरह से फोड़कर रख दिया है। इसके बाद यह काफिला मार्च करते हुए लघु सचिवालय पहुंचा।

'नेताओं की दो लाख की साइकिल सिर्फ फोटो खिंचवाने के लिए'

प्रदर्शन के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक और इनेलो प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा के निशाने पर सीधे भाजपा के मंत्री और नेता रहे। माजरा ने चुटकी लेते हुए कहा कि जनता को ईंधन बचाने की नसीहत देने वाली हरियाणा सरकार के नुमाइंदे खुद दो-दो लाख रुपये की महंगी साइकिलों पर चढ़कर फोटो खिंचवा रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि इन मंत्रियों की साइकिल के पीछे उनकी सुरक्षा में डीजल फूंकती गाड़ियों का लंबा-चौड़ा काफिला चलता है। उन्होंने इसे जनता के पैसे की बर्बादी और ढोंग करार दिया।

नसीहत सिर्फ जनता के लिए, खुद कर रहे विदेश यात्राएं

रामपाल माजरा ने सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय पर भी निशाना साधते हुए कहा कि देश के शीर्ष नेतृत्व की तरफ से आम लोगों को बार-बार सलाह दी जाती है कि वे पेट्रोल-डीजल का कम इस्तेमाल करें, सोना न खरीदें और फिजूलखर्ची से बचें। लेकिन विडंबना देखिए कि इन नसीहतों के बीच खुद प्रधानमंत्री और उनका पूरा मंत्रिमंडल लगातार विदेश यात्राओं में व्यस्त है। उन्होंने साफ कहा कि भाजपा सरकार में बैठे लोग सिर्फ आम जनता पर नियम थोपना जानते हैं, खुद पर नहीं। इनेलो नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि रसोई गैस, राशन और तेल के दाम तुरंत कम नहीं किए गए, तो इस आंदोलन को गांव-गांव तक ले जाया जाएगा।

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